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अब दिल्ली हाट में भी मचेगी गोरखपुर के टेराकोटा की धूम, जानिए कैसे?

Thu, 14 Jan 2021 01:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 14 Jan 2021 01:15 PM IST
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Now Terracotta in Gorakhpur will also be celebrated in Delhi Haat
Terracotta - फोटो : अमर उजाला।

ओडीओपी में शामिल गोरखपुर के टेराकोटा शिल्प के उत्पादों की धूम जल्द ही दिल्ली हाट में भी मचेगी। प्रदेश सरकार ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। यही नहीं टेराकोटा के शिल्पकारों को 23 जनवरी से लखनऊ में हो रहे अवध शिल्प मेले में भी अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। बुधवार को टेराकोटा गांव औरंगाबाद पहुंचे प्रदेश के एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने टेराकोटा शिल्पकारों को यह जानकारी दी।

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चौपाल लगाकर उन्होंने शिल्पकारों से काफी देर तक बात की, सरकार की योजनाओं की उन्हें जानकारी दी और शिल्पकारों की समस्याएं भी सुनीं । आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी सभी समस्याओं का निराकरण हो जाएगा। एमएसएमई मंत्री  ने कहा कि जल्द ही आरंगाबाद में कामन फैसिलिटी सेन्टर (सीएफसी) का संचालन शुरू हो जाएगा।
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इसमें सोलर लाइट की व्यवस्था रहेगी जिससे शिल्पकारों को इलेक्ट्रिक चॉक में लगने वाली बिजली का विकल्प मिल जाएगा और उन्हें बिजली बिल से भी राहत मिलेगी। इस अवसर पर टेराकोटा शिल्पकार राजन प्रजापति ने टेराकोटा को ओडीओपी में शामिल किए जाने के बाद आए सकारात्मक बदलावों के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की।
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कहा कि पहले लोन के लिए बैंकों के चक्कर लगाने पड़ते थे लेकिन अब बैंक वाले  खुद ही अप्रोच करते हैं। एमएसएमई मंत्री के बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल भी देर शाम को टेराकोटा गांव औरंगाबाद पहुंचे। उन्होंने शिल्पकारों को जरूरत के अनुसार पगमिल, चाक आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। साथ ही फर्नेस में आ रही समस्या को भी संबधित फर्म से बात कर दूर कराने को कहा।

 

कारीगर बोले-मिट्टी की कमी दूर की जाए

चौपाल में कारीगरों ने कलाकृतियों तथा मूर्तियों को बनाने के लिए मिट्टी की कमी बताई। तैयार कलाकृतियों को रखने के लिए टीन शेड, चिमनी भट्टी, पैकेजिंग बिजली बिल माफ करने, गरीब कारीगरों को सरकारी मकान दिलाने की मांग की। चौपाल में राजन प्रजापति ने बताया कि मिट्टी के अभाव में रामजी मद्धेशिया, संजीव, सुरेंद्र, जितेंद्र आदि कारीगरों ने कलाकृतियों का निर्माण बंद कर दिया है।

उन्होंने कहा कि गांव में स्थित पोखरों को ग्राम प्रधान द्वारा पैसा लेकर पट्टा कर दिया जाता है। पट्टा कराने के बाद मछली पालक पोखरे में पानी भर देते हैं। जिससे मिट्टी नहीं निकल पाती। उन्होंने कुछ पोखरों को कारीगरों के लिए छोड़ देने की मांग की। भलवरिया गांव के कारीगर गुलाब प्रसाद तथा नंदलाल भारतीय ने कहा कि कलाकृतियों का निर्माण करने के बाद रखने के लिए भरपूर जगह चाहिए, जो उपलब्ध नहीं है। असरफपुर गांव के कारीगर सुरेंद्र ने चिमनी वाली भट्ठी दिलाने की मांग की। बेलवा गांव के कारीगर राकेश कुमार ने बताया कि उनके गांव में कई कारीगरों अभी मिट्टी का चाक नहीं मिल पाया है। संवाद

प्रमुख सचिव से की चाक वितरण में धांधली की शिकायत
प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने बुधवार शाम को भटहट ब्लॉक के औरंगाबाद गांव का दौरा कर टेराकोटा कलाकारों की समस्याएं जानीं। उन्होंने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित गुलाबचंद प्रजापति, गब्बू लाल, जोखनलाल, धर्मेंद्र, सोहनलाल, रामचंद्र, मोहन प्रजापति से मिलकर सरकार की ओर से मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

कारीगरों ने प्रमुख सचिव को बताया कि बिजली से चलने वाले चाक के वितरण में धांधली की गई है। एक ही कारीगर के घर में पति-पत्नी दोनों को चाक दे दिया गया है। इस पर प्रमुख सचिव ने अफसरों को करीब एक दर्जन कारीगरों को अविलंब इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराने को कहा।
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