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गोरखपुर: अब ऑटो व ई-रिक्शा के हर चालक का रहेगा ब्यौरा, सफर होगा सुरक्षित
Wed, 30 Aug 2023 02:30 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 30 Aug 2023 02:30 PM IST
सार
महानगर में करीब एक हजार ऑटो और ई-रिक्शा स्कूली बच्चों को ढोने का काम कर रहे हैं। चालकों का डाटा नहीं होने से हमेशा उनकी सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को चिंता बनीं रहती थी। चालकों के सत्यापन और यूनिक आईडी जारी होने के बाद बच्चे सुरक्षित होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर शहर में ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करना अब लोगों के लिए सुरक्षित होगा। क्योंकि, परिवहन विभाग के पास सभी ऑटो व ई-रिक्शा का ब्यौरा होगा। इसके लिए परिवहन विभाग चालकों का सत्यापन कर उन्हें यूनिक आईडी जारी कर रहा है। महानगर में करीब छह हजार ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है।
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पुलिस, यातायात या परिवहन विभाग के पास ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों की कोई जानकारी नहीं थी। यातायात व्यवस्था को लेकर नौ अगस्त को एडीजी अखिल कुमार की अध्यक्षता और कमिश्नर अनिल ढींगरा के साथ पुलिस, परिवहन और यातायात विभाग के जिम्मेदारों की बैठक हुई।
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बैठक में तय हुआ था कि महानगर की 16 किलोमीटर की परिधि में चलने वाले ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन करने के साथ ही उन्हें यूनिक आईडी जारी की जाएगी। इसके बाद परिवहन विभाग ने 17 अगस्त से अभियान की शुरुआत की। इसमें ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी से संबंधित दस्तावेज की जांच कर उन्हें यूनिक आईडी जारी की जा रही है। ये अभियान 31 अगस्त तक चलेगा।
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सुरक्षित होंगे स्कूली बच्चे
महानगर में करीब एक हजार ऑटो और ई-रिक्शा स्कूली बच्चों को ढोने का काम कर रहे हैं। चालकों का डाटा नहीं होने से हमेशा उनकी सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को चिंता बनीं रहती थी। चालकों के सत्यापन और यूनिक आईडी जारी होने के बाद बच्चे सुरक्षित होंगे।
सत्यापन से बच रहे ऑटो चालक
परिवहन विभाग के जिम्मेदार ऑटो स्टैंडों पर सत्यापन के लिए पहुंच रहे हैं तो चालक वहां से निकल जा रहे हैं। 13 दिनों के अभियान में सिर्फ 680 ऑटो और ई-रिक्शा के यूनिक आईडी ही जारी हो सके हैं, जबकि छह हजार से करीब ऑटो और ई-रिक्शा शहर में संचालित हो रहे हैं।
प्रवर्तन संभागीय परिवहन अधिकारी, संजय कुमार झा ने कहा कि गोरखपुर शहर में 17 अगस्त से अभियान चलाकर ऑटो चालकों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के बाद उन्हें यूनिक आईडी जारी की जा रही है। ये अभियान 31 अगस्त तक चलेगा। एक सितंबर से चेकिंग की जाएगी। जिस ऑटो पर यूनिक आईडी नहीं मिलेगी उसे सीज कर दिया जाएगा।
सत्यापन से बच रहे ऑटो चालक
परिवहन विभाग के जिम्मेदार ऑटो स्टैंडों पर सत्यापन के लिए पहुंच रहे हैं तो चालक वहां से निकल जा रहे हैं। 13 दिनों के अभियान में सिर्फ 680 ऑटो और ई-रिक्शा के यूनिक आईडी ही जारी हो सके हैं, जबकि छह हजार से करीब ऑटो और ई-रिक्शा शहर में संचालित हो रहे हैं।
प्रवर्तन संभागीय परिवहन अधिकारी, संजय कुमार झा ने कहा कि गोरखपुर शहर में 17 अगस्त से अभियान चलाकर ऑटो चालकों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के बाद उन्हें यूनिक आईडी जारी की जा रही है। ये अभियान 31 अगस्त तक चलेगा। एक सितंबर से चेकिंग की जाएगी। जिस ऑटो पर यूनिक आईडी नहीं मिलेगी उसे सीज कर दिया जाएगा।