खुशखबर: अब विद्यार्थियों के घर पहुंच जाएगी उनकी डिग्री, ऐसे पूरी की जाएगीं औपचारिकताएं

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 10 Aug 2021 09:23 PM IST

सार

गोविवि और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा, ऑनलाइन पूरी की जाएगी डिग्री लेने की औपचारिकताएं
DDU Gorakhpur
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को अब अपनी डिग्री लेने के लिए भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनके घर ही डिग्री पहुंच जाएगी। इसी सत्र से विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है। इसके लिए डाक विभाग से विश्वविद्यालय प्रशासन करार करेगा, जिससे डिग्रियों को कम खर्च में सुरक्षित ढंग से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सके।
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नई व्यवस्था के तहत डिग्री लेने से पहले की कागजी औपचारिकताएं ऑनलाइन होगी। विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डिग्री के लिए एक लिंक जारी किया जाएगा, जिससे जुड़ते ही एक फार्म खुलेगा। इस फार्म के माध्यम से विद्यार्थियों को डिग्री के लिए विश्वविद्यालय की ओर से मांगी गई जानकारी देनी होगी।


उसको विश्वविद्यालय अपने स्तर पर सत्यापित कराएगा। सत्यापन में जानकारी सही पाए जाने पर डिग्री भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। लिंक जारी करने से पहले ही डिग्रियों को तैयार कर लिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भेजने में विलंब न हो। विश्वविद्यालय प्रशासन इस व्यवस्था को मंजूरी के लिए विद्या परिषद और कार्य परिषद में शीघ्र ही रखेगा।

 

डिजिटल पर भी रहेंगी डिग्रियां

डिग्रियों को विद्यार्थियों के घर भेजने के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन उसे ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। सभी डिग्रियां डिजिलाकर पर अपलोड की जाएंगी, जिससे विद्यार्थी कहीं भी अपनी डिग्री की साफ्ट या हार्डकापी निकाल सकेगा। डिजिलाकर एक ऑनलाइन सेवा है, जो भारत सरकार के इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।

भविष्य में अंकपत्र को भी घर भेजने की है तैयारी
डिग्री को घर भेजने की व्यवस्था करने के बाद विश्वविद्यालय विद्यार्थियों का अंकपत्र भी घर भेजेगा। इसकी योजना भी बनाई जा रही है। इससे दूर-दराज में रहने वाले विद्यार्थियों को सहूलियत होगी।

दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थी अपने घर या फिर रोजगार के लिए दूसरे शहरों में चले जाते हैं। ऐसे में उनके लिए डिग्री लेने के लिए विश्वविद्यालय आना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए ही डिग्री को घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है। भविष्य में अंकपत्र के लिए भी यही व्यवस्था की जाएगी।

 
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