कुख्यात नक्सली सुरेंद्र राम गिरफ्तार: जयंत और सागर नाम भी चर्चित है, 30 वारदातों में रहा है शामिल
कुशीनगर जनपद से सटे बिहार का थारू बाहुल्य क्षेत्र माओवाद प्रभावित रहा है। पूर्व में माओवादी पनियहवा रेल पुल उड़ाने एवं मदेवा गांव के स्कूल में बैनर लगाकर धमकी दे चुके हैं। कुछ दिनों से अपराधियों की चहलकदमी की सूचना पुलिस को मिल रही थी। इस कुख्यात नक्सली की गिरफ्तारी से सीमावर्ती क्षेत्रों में फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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जिले के खड्डा क्षेत्र की सीमा से सटे बिहार के लौकरिया थाना क्षेत्र में बुधवार को हार्डकोर नक्सली सुरेंद्र राम उर्फ जयंत उर्फ सागर बगहां पुलिस व एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, वह पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी, विस्फोट करने सहित कुल तीन नक्सली वारदातों में शामिल रहा है। इन दिनों वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था।
एसपी बगहां किरण कुमार गोरख जाधव ने बताया कि कुशीनगर जनपद की सीमा के करीब लौकरिया थाना क्षेत्र में एक गुप्त सूचना पर चमकी टोला में स्थानीय पुलिस व एसटीएफ ने बुधवार को संयुक्त रूप से छापा मारा। वहां से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान कुख्यात नक्सली सुरेंद्र राम उर्फ जयंत उर्फ सागर, निवासी ग्राम काशी पकड़ी, थाना राजपुर, जिला पूर्वी चंपारण (बिहार) के रूप में हुई।
एसपी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के (चौथा पानी) जंगल में पुलिस व नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। उसमें चार माओवादी मारे गए थे एवं एक महिला नक्सली पूजा घायल अवस्था में गिरफ्तार हुई थी। गोली बारी में सुरक्षाबल के कर्मी भी घायल हुए थे।
घटनास्थल से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, कारतूस, डेटोनेटर, वाकी-टॉकी, कोड, नक्सली वर्दी, लैपटॉप, मोबाइल फोन, नक्सली साहित्य आदि सामान बरामद हुआ था। इसमें सुरेंद्र मुख्य भूमिका में था। तब वह मौके से भाग गया था। तभी से उसकी तलाश चल रही थी। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली 32 कांडों में संलिप्त रहा है। दो वर्ष पूर्व वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र में मुखिया मनोज सिंह के घर को घेरकर की गई हत्या में भी वह शामिल था।