फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Municipal Corporation will issue death certificate After investigation by Revenue Department in gorakhpur

अब राजस्व विभाग की जांच के बाद ही नगर निगम जारी करेगा मृत्यु प्रमाणपत्र, जानिए किस वजह से बदला नियम

Mon, 21 Dec 2020 11:25 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 21 Dec 2020 11:25 AM IST
सार

  • यदि किसी की मौत को एक साल से अधिक समय हो गया है तो ऐसे मामलों को राजस्व विभाग को भेजा जाएगा
  • राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर निगम मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करेगा, दुरुपयोग रोकने के लिए प्रावधान बदला

विज्ञापन
Municipal Corporation will issue death certificate After investigation by Revenue Department in gorakhpur
गोरखपुर नगर निगम। - फोटो : amar ujala

विस्तार

किसी व्यक्ति की मृत्यु के प्रमाणपत्र का दुरुपयोग न हो इसलिए नगर निगम ने मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया को सख्त कर दिया है। अब यदि किसी व्यक्ति की मौत के एक साल बाद मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए आवेदन किया जाएगा तो नगर निगम उसे राजस्व विभाग के पास भेजेगा। राजस्व विभाग की ओर से जारी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निगम मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करेगा।
विज्ञापन


दरअसल, हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें नगर निगम की ओर से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र का गलत इस्तेमाल किया गया। ज्यादातर मामले संपत्ति, जमीन आदि से संबंधित हैं। कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिसमें करीब डेढ़ दशक पहले हुई किसी की मौत का मृत्यु प्रमाणपत्र मौत की वास्तविक तारीख से अलग बनवा लिया गया।
विज्ञापन


एक ऐसा भी मामला सामने आया, जिसमें एक महिला की मौत के करीब चार साल बाद का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया गया। जबकि उस महिला की मौत करीब एक दशक पहले हो चुकी थी और उसने मौत के कुछ ही दिन पहले जमीन की रजिस्ट्री की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर निगम की ओर से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर जमीन संबंधी मामले में एक शख्स द्वारा मुकदमा दर्ज करा दिया गया। ऐसे मामलों में निगम के अधिकारियों को कोर्ट में हाजिरी लगानी पड़ती है। इन वजहों को देखते हुए निगम प्रशासन ने मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है।

नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि एक साल से ज्यादा समय पहले हुई किसी भी मौत के मामले में आवेदन आने पर उसे राजस्व विभाग के पास जांच के लिए भेज दिया जाएगा। राजस्व विभाग की जांच के बाद जब मजिस्ट्रेट से मामले की पुष्टि कर दी जाएगी, तब उस जांच रिपोर्ट के आधार पर निगम मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करेगा। अभी शपथपत्र के आधार पर मजिस्ट्रेट की ओर से आवेदन फारवर्ड कर दिया जाता था। हाल ही में कुछ ऐसे मामलों में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करा लिया गया है, जिसमें कहा जा रहा है कि मृत्यु की तारीख कुछ और है, जबकि वास्तविक तारीख कुछ और है। इन प्रमाणपत्रों का गलत इस्तेमाल किया गया है। ऐसा दोबारा न हो इसलिए प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed