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यूपी: सीतापुर में पकड़े गए फर्जी शिक्षक की मां, 10 साल पहले हो चुकी है नौकरी से बर्खास्त
Sat, 07 Nov 2020 06:36 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।
अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 07 Nov 2020 06:36 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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एसटीएफ लखनऊ की टीम ने देवरिया निवासी एक शिक्षक को सीतापुर जिले के बेहटा ब्लॉक में दूसरे के दस्तावेज पर नौकरी करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। इसके पूर्व फर्जी शिक्षक की पत्नी को भी इसी आरोप में नौकरी करने पर टीम एक माह पूर्व हिरासत में ले चुकी है।
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जिले के एक परिषदीय स्कूल में सहायक अध्यापक रहीं उसकी मां को भी 10 साल पहले बर्खास्त किया जा चुका है। इस मामले में उनके पिता की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
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देवरिया जिले के बैतालपुर ब्लॉक अंतर्गत बेलही तिवारी गांव निवासी ऋषिकेश मणि त्रिपाठी का वर्ष 2009 में सीतापुर जिले के बेहटा ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति हुई। माना जा रहा है कि यह नियुक्ति यहीं के इंटर कॉलेज के एक शिक्षक बजरंग भूषण के शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर जालसाजी कर तैयार कराया गया था।
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यह खुलासा तब हुआ जब गिरफ्तार फर्जी शिक्षक ऋषिकेश की पत्नी स्नेहलता तिवारी को पिछले माह एसटीएफ ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पहले तो उसने सिर्फ अपने ही दस्तावेज फर्जी बताए, लेकिन बाद में एसटीएफ की कड़ाई से पूछताछ में पति का नाम कुबूल किया।
arrested
- फोटो : सोशल मीडिया
स्वाति तिवारी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हरिहर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक पद पर तैनात थीं। दोनो को धोखाधड़ी के आरोप में सीतापुर जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच टीम के अनुसार बैतालपुर ब्लॉक के बरपार स्थित अशोक इंटर कॉलेज से सेवानिवृत प्रवक्ता श्रीराम मणि तिवारी ऋषिकेश के पिता हैं। उन्हीं ने दोनों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति कराई थी। मामले में उनकी भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। ऐसे में वह भी एसटीएफ की जांच के जद में हैं।
उनकी पत्नी मालती देवी भी देवरिया जनपद के विक्रमपुर बांसपार प्राथमिक विद्यालय से फर्जी दस्तावेज के आधार पर 10 वर्ष पूर्व बर्खास्त हो चुकी हैं। एसटीएफ के गोरखपुर प्रभारी एसपी सिंह ने बताया कि देवरिया निवासी एक शिक्षक को सीतापुर में गिरफ्तार किया गया है। उनके प्रमाण पत्र कूटरचित ढंग से तैयार होने के सबूत मिले हैं। जो भी इसमें दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
जांच टीम के अनुसार बैतालपुर ब्लॉक के बरपार स्थित अशोक इंटर कॉलेज से सेवानिवृत प्रवक्ता श्रीराम मणि तिवारी ऋषिकेश के पिता हैं। उन्हीं ने दोनों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति कराई थी। मामले में उनकी भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। ऐसे में वह भी एसटीएफ की जांच के जद में हैं।
उनकी पत्नी मालती देवी भी देवरिया जनपद के विक्रमपुर बांसपार प्राथमिक विद्यालय से फर्जी दस्तावेज के आधार पर 10 वर्ष पूर्व बर्खास्त हो चुकी हैं। एसटीएफ के गोरखपुर प्रभारी एसपी सिंह ने बताया कि देवरिया निवासी एक शिक्षक को सीतापुर में गिरफ्तार किया गया है। उनके प्रमाण पत्र कूटरचित ढंग से तैयार होने के सबूत मिले हैं। जो भी इसमें दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।