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एमएमएमयूटी: इस पत्रिका में शोध हुआ प्रकाशित, मिलेगा 2 लाख रुपये इंसेंटिव- जानें क्या है ये योजना

Thu, 19 Sep 2024 11:41 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Thu, 19 Sep 2024 11:41 AM IST
सार

शोध और पेटेंट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) ने एक पहल की है। अब नेचर या साइंस एकेडमिक जर्नल ऑफ अमेरिकन एसोसिएशन या हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू जैसे जर्नल्स में शोध प्रकाशन पर विश्वविद्यालय दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देगा। इसे विद्या परिषद, वित्त समिति और प्रबंध बोर्ड में रखे जाने की योजना है। तीनों समितियों से मुहर लग जाने पर इसे मूर्त रूप मिल जाएगा।
 

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MMMUT will provide financial incentive to students who publish their research in an international journal.
एमएमएमयूटी( सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शोध और पेटेंट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) ने एक पहल की है। अब नेचर या साइंस एकेडमिक जर्नल ऑफ अमेरिकन एसोसिएशन या हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू जैसे जर्नल्स में शोध प्रकाशन पर विश्वविद्यालय दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देगा। इसे विद्या परिषद, वित्त समिति और प्रबंध बोर्ड में रखे जाने की योजना है। तीनों समितियों से मुहर लग जाने पर इसे मूर्त रूप मिल जाएगा।
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एनआईआरएफ और क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान बनाने के लिए रिसर्च पब्लिकेशन ओर पेटेंट का अहम योगदान होता है। इसे देखते हुए ही कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने करीब डेढ़ महीने पहले डीन स्टूडेंट अफेयर प्रो. वीके गिरी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था।
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समिति में प्रो. विट्ठल एल गोले, प्रो. बीके पांडेय, प्रो. जीऊत सिंह और उप कुलसचिव देवेन्द्र गोस्वामी शामिल थे। समिति को यह निर्धारित करना था कि प्रोत्साहन के लिए स्तरीय शोध प्रकाशन पर कितनी प्रोत्साहन राशि दी जा सकती है। समिति ने कई दौर की बैठक के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार कर विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी है।
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समिति की सिफारिशों के मुताबिक, नेचर, साइंस एकेडमिक जर्नल ऑफ अमेरिकन एसोसिएशन और हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू जैसी दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित जर्नल्स को कैटेगरी 1 में रखा गया है। इसमें प्रकाशन पर आउटस्टैंडिंग रिसर्चर अवार्ड दिया जाएगा।

इसके तहत 2 लाख रुपये का इंसेंटिव मिलेगा। अन्य जर्नल्स में प्रकाशन पर इम्पैक्ट फैक्टर 5 से अधिक होने पर प्रीमियर रिसर्चर अवार्ड दिया जाएगा। इसके तहत 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। इम्पैक्ट फैक्टर 2 से अधिक लेकिन 5 से कम होने पर कमांडेबल रिसर्चर अवार्ड के तहत 20 हजार रुपये का इंसेंटिव मिलेगा।

यूएसए, यूके पेटेंट पर भी इंसेंटिव
यूएसए और यूके ग्रांटेड पेटेंट पर भी 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा अन्य प्रतिष्ठित दूसरे देशों या भारत से मिले पेटेंट पर 25 हजार की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

ये होंगे पात्र
शोध प्रकाशित करने वाले शिक्षकों और शोधार्थियों के साथ ही स्नातक और परास्नातक के विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। संविदा और अतिथि शिक्षकों पर भी यह लागू होगा।


कुलपति एमएमयूटी प्रो जेपी सैनी ने बतााया कि क्वालिटी रिसर्च पब्लिकेशन के लिए शोधार्थियों-शिक्षकों को इंसेंटिव देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। समिति की सिफारिशों को विद्या परिषद, वित्त समिति और प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।
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