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Gorakhpur News: अतिथि शिक्षकों पर विद्यार्थियों की राय होगी अहम, फीडबैक के आधार पर तय होगी सेवा
Mon, 03 Aug 2026 02:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 03 Aug 2026 02:30 AM IST
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एमएमएमयूटी : शिक्षण की गुणवत्ता सुधारने को प्रबंध बोर्ड की बैठक में लिया गया निर्णय
वर्तमान शैक्षणिक सत्र से ही लागू होगी व्यवस्था, विभिन्न विभागों में 69 अतिथि शिक्षक हैं कार्यरत
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अब अतिथि शिक्षकों की सेवा जारी रखने का निर्णय विद्यार्थियों के फीडबैक के आधार पर भी लिया जाएगा। प्रबंध बोर्ड की हालिया बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही लागू होगी।
विश्वविद्यालय में वर्तमान में 69 अतिथि शिक्षक विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों से प्रत्येक अतिथि शिक्षक के पढ़ाने के तरीके, विषय पर पकड़, कक्षा संचालन, संवाद क्षमता और समयबद्धता सहित अन्य पहलुओं पर फीडबैक लिया जाएगा। इसी फीडबैक को सेवा विस्तार या सेवा जारी रखने के निर्णय में महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया से शिक्षण की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन हो सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
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फीडबैक की व्यवस्था केवल इसी सत्र के लिए लागू की गई है। अगले वर्षों के लिए बाद में विमर्श किया जाएगा।
- प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, कुलपति
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वर्तमान शैक्षणिक सत्र से ही लागू होगी व्यवस्था, विभिन्न विभागों में 69 अतिथि शिक्षक हैं कार्यरत
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अब अतिथि शिक्षकों की सेवा जारी रखने का निर्णय विद्यार्थियों के फीडबैक के आधार पर भी लिया जाएगा। प्रबंध बोर्ड की हालिया बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही लागू होगी।
विश्वविद्यालय में वर्तमान में 69 अतिथि शिक्षक विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों से प्रत्येक अतिथि शिक्षक के पढ़ाने के तरीके, विषय पर पकड़, कक्षा संचालन, संवाद क्षमता और समयबद्धता सहित अन्य पहलुओं पर फीडबैक लिया जाएगा। इसी फीडबैक को सेवा विस्तार या सेवा जारी रखने के निर्णय में महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया से शिक्षण की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन हो सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
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फीडबैक की व्यवस्था केवल इसी सत्र के लिए लागू की गई है। अगले वर्षों के लिए बाद में विमर्श किया जाएगा।
- प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, कुलपति