Corona in Gorakhpur: लापता 30 कोरोना संक्रमित बन गए मुसीबत, अब लोगों को सता रहा है इस बात का डर
- गलत मोबाइल नंबर और नाम पता नोट कराकर करा लिया जांच
- विभाग को डर कही यह लोग संक्रमित न कर दें लोगों को
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गोरखपुर शहर में जुलाई माह में 30 से अधिक कोरोना पॉजिटिव आने के बाद लापता हो गए हैं। इन्हें स्वास्थ्य और पुलिस महकमा तलाश नहीं पा रहा है। इसकी वजह यह है कि इन लोगों ने जांच के दौरान नाम, पता और मोबाइल नंबर तक फर्जी दर्ज कराए हैं।
इसकी वजह से विभाग की मुसीबतें बढ़ गई हैं। विभाग को डर है कि कही यह घूमकर संक्रमण की नई चैन तो नहीं बना दिए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें कई प्रवासी भी शामिल हैं। जुलाई माह में शहर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
इसकी वजह से विभाग के सामने मुसीबतें खड़ी हो गई हैं। विभाग को समझ नहीं आ रहा है कि संक्रमण की रफ्तार को रोका कैसे जाए। उस पर 30 से अधिक कोरोना संक्रमित लापरवाही करते हुए अपने नाम, पते, मोबाइल नंबर गलत दर्ज कराकर लापता हो गए हैं।
विभाग इनकी तलाश में जुटा हुआ है, लेकिन इन संक्रमितों का पता नहीं चल पा रहा है। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि संक्रमितों की तलाश की जा रही है। कुछ लोगों ने नाम, पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज कराए हैं। ऐसे में उन्हें ढूंढने में मुश्किल हो रही है।
जिनका पता उनका कोई खोज खबर नहीं लेने वाला
एक तरफ विभाग 30 लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर होम आइसोलेट में रहने वाले या फिर संक्रमित होने वाले कई ऐसे भी मरीज हैं, जिनका कोई खोज खबर नहीं लेने वाला है। होम आइसोलेट होने वाले मरीजों को किससे संपर्क करना है, इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है।
किसी तरह से मरीज नंबर ढूंढकर महकमे को फोन कर रहे हैं, तो उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। इतना ही नहीं मरीजों को यह तक नहीं बताया जा रहा है कि वह कौन सी दवा का सेवन करें। ऐसे मरीजों की संख्या भी 200 से अधिक होगी, जिनके नंबर की जानकारी होते हुए भी विभाग ने संपर्क करने की जहमत नहीं उठाई।
जांच के लिए देना होगा आईडी प्रूफ
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अब मरीजों को एंटीजन और आरटीपीसीआर से जांच कराने के लिए आईडी प्रूफ देना होगा। बिना आईडी प्रूफ की जांच नहीं कराई जाएगी। इसे लेकर शासन की ओर से निर्देश भी मिला है। यही वजह है कि अब स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच के लिए लोगों को आईडी प्रूफ देना पड़ रहा है।