फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Minority students not taking interest in taking educational loan

गोरखपुर: शैक्षणिक ऋण लेने में रुचि नहीं ले रहे अल्पसंख्यक विद्यार्थी, मात्र एक छात्र ने किया आवेदन

Sat, 07 Aug 2021 09:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 07 Aug 2021 09:29 PM IST
सार

मात्र एक छात्र ने किया शैक्षिक ऋण के लिए आवेदन, बीते वर्ष दो विद्यार्थियों ने किया था ऋण के लिए आवेदन  

विज्ञापन
Minority students not taking interest in taking educational loan
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जॉब ओरिएंटेड प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थी उप्र अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम लिमिटेड की शैक्षिक ऋण योजना में रुचि नहीं ले रहे हैं। इन विद्यार्थियों को मात्र तीन प्रतिशत और आठ प्रतिवर्ष की कम ब्याज दर पर बीस लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध कराए जाने की सुविधा दी जा रही है, बावजूद इसके मात्र एक विद्यार्थी ने आवेदन किया है।

विज्ञापन

 
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय के मुताबिक अल्पसंख्यक वर्ग (मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन) के विद्यार्थियों लिए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्तीय निगम प्रत्येक वर्ष शैक्षिक ऋण उपलब्ध कराता है। जॉब ओरिएंटेड प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के बीपीएल परिवार के छात्रों के लिए 30 प्रतिशत ब्याजदर पर प्रति वर्ष चार लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाता है।
विज्ञापन


आठ लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्रों को आठ प्रतिशत ब्याज दर से यह ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थी शैक्षिक ऋण में रुचि नहीं ले रहे हैं। बताया कि इस वित्त वर्ष में मात्र एक विद्यार्थी ने शैक्षिक ऋण पाने के लिए आवेदन किया है। यह विद्यार्थी एमबीए में दाखिला लेने जा रहा है। बीते वर्ष भी मात्र दो विद्यार्थियों ने शैक्षिक ऋण के लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है कारण
शिक्षा और अल्पसंख्यक मामलों के जानकार मुमताज खान कहते हैं कि जॉब ओरिएंटेड प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला पाने वाले छात्रों के लिए ही यह ऋण रखा जाना कठिन शर्त है। अल्पसंख्यक वर्ग ही नहीं सामान्य वर्ग में भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अधिकतर परिवारों के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, आईटी प्रोफेशनल बनने की तैयारी नहीं कर पाते। अपवाद छोड़ दिए जाएं तो बीपीएल परिवारों के विद्यार्थी शायद ही शैक्षिक ऋण के लिए आवेदन करते हों।

 
दूसरा पहलू यह है कि अधिकतर आर्थिक रूप से संपन्न परिवार ही अपने बच्चों को प्रोफेशनल कोर्स की तैयारी करवाते हैं। ऐसे परिवार ऋण के लिए आवेदन नहीं या बहुत ही कम करते हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि कम आवेदन के पीछे कोरोना संक्रमण, लॉकडाउन और विद्यालयों में ऑफलाइन कक्षएं नहीं चलना भी कारण हो सकता है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed