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Gorakhpur News: एमजीयूजी के विद्यार्थियों ने सीखा खेती का विज्ञान
Thu, 29 Oct 2026 02:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 29 Oct 2026 02:59 AM IST
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गोरखपुर। कृषि शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने की दिशा में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के कृषि संकाय के विद्यार्थियों ने राजकीय कृषि विद्यालय स्थित कृषि भवन और केंद्रीय मृदा जांच प्रयोगशाला का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा विश्लेषण की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं और श्रीअन्न के पोषण गुणों की जानकारी प्राप्त की।
कृषि भवन में कृषि विभाग के उपनिदेशक धनंजय सिंह ने विद्यार्थियों को कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में आधुनिक तकनीक की भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी ज्ञान के महत्व पर जोर दिया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने श्रीअन्न संग्रहालय का अवलोकन किया। विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने श्रीअन्न के पोषक तत्वों और उसके महत्व की जानकारी दी। इस सत्र ने विद्यार्थियों को पोषण आधारित कृषि और मोटे अनाज की उपयोगिता को समझने का अवसर प्रदान किया।
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केंद्रीय मृदा जांच प्रयोगशाला में विद्यार्थियों को मृदा परीक्षण की वैज्ञानिक बारीकियों से परिचित कराया गया। विनोद सिंह और अजीत यादव ने नाइट्रोजन एनालाइजर, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर तथा फ्लेम फोटोमीटर जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोग की जानकारी दी। साथ ही, मृदा में जैविक कार्बन के विश्लेषण की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को प्रयोगशाला और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली से जोड़ने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान मृदा विज्ञान के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. संदीप उपाध्याय और कनिष्ठ शोध सहायक अनुज पांडेय भी उपस्थित रहे।
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कृषि भवन में कृषि विभाग के उपनिदेशक धनंजय सिंह ने विद्यार्थियों को कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में आधुनिक तकनीक की भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी ज्ञान के महत्व पर जोर दिया।
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इसके बाद विद्यार्थियों ने श्रीअन्न संग्रहालय का अवलोकन किया। विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने श्रीअन्न के पोषक तत्वों और उसके महत्व की जानकारी दी। इस सत्र ने विद्यार्थियों को पोषण आधारित कृषि और मोटे अनाज की उपयोगिता को समझने का अवसर प्रदान किया।
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केंद्रीय मृदा जांच प्रयोगशाला में विद्यार्थियों को मृदा परीक्षण की वैज्ञानिक बारीकियों से परिचित कराया गया। विनोद सिंह और अजीत यादव ने नाइट्रोजन एनालाइजर, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर तथा फ्लेम फोटोमीटर जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोग की जानकारी दी। साथ ही, मृदा में जैविक कार्बन के विश्लेषण की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को प्रयोगशाला और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली से जोड़ने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान मृदा विज्ञान के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. संदीप उपाध्याय और कनिष्ठ शोध सहायक अनुज पांडेय भी उपस्थित रहे।