मुसीबत में औषधि केंद्र: 1700 में मिलेंगी 300 दवाएं तो कैसे उबरेंगे मरीज
जिला और महिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र खुले करीब तीन साल से अधिक का समय बीत गया है। लेकिन, इन तीन सालों में केवल 300 से 400 के बीच ही दवाएं मिल पाई हैं। जबकि, नियम के तहत करीब 1100 दवाएं केंद्रों पर होनी ही चाहिए। अधिकतम संख्या 1700 दवाओं की हैं। इनमें सभी तरह की दवाएं शामिल हैं।
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विस्तार
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सस्ती और बेहतर जेनरिक दवाएं जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध हैं। मरीजों का उनका इस्तेमाल करना चाहिए। जबकि हकीकत यह है कि ब्रांडेड दवाओं के खेल में मरीज और तीमारदार हर दिन पिस रहे हैं। व्यवस्था होने के बावजूद जन औषधि केंद्र पर सभी जेनरिक दवाएं पहुंच नहीं पा रही हैं और मरीजों महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
बताया जा रहा है कि इसकी वजह ब्रांडेड दवाओं के बड़े व्यापारी हैं, जो नहीं चाहते हैं कि औषधि केंद्र पर सभी दवाएं सस्ती उपलब्ध हों और उनका बड़ा मुनाफा मारा जाए। इस खेल में ड्रग विभाग भी सवालों के घेरे में है। औषधि केंद्र की दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में यह 80 से 85 फीसदी सस्ती हैं। ऐसे में अगर एक हजार दवाएं भी औषधि केंद्र पर मिलने लगें तो 60 से 70 फीसदी मरीज इसका लाभ उठा पाएंगे। जबकि, मौजूदा समय में महज 20 से 25 फीसदी मरीज ही औषधि केंद्र की दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। अन्य के लिए उन्हें मजबूरी में ब्रांडेड दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
जिला और महिला अस्पताल में 300 से 400 दवाएं ही उपलब्ध
जिला और महिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र खुले करीब तीन साल से अधिक का समय बीत गया है। लेकिन, इन तीन सालों में केवल 300 से 400 के बीच ही दवाएं मिल पाई हैं। जबकि, नियम के तहत करीब 1100 दवाएं केंद्रों पर होनी ही चाहिए। अधिकतम संख्या 1700 दवाओं की हैं। इनमें सभी तरह की दवाएं शामिल हैं।
औषधि केंद्र में हार्ट, कैंसर, प्रोटेस्ट की दवाएं कभी आई ही नहीं हैं। जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र के संचालक वसीउल्लाह ने बताया कि अभी करीब 300 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। महिला अस्पताल के हिमांशु ने बताया कि करीब 250 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं।
वेंडर नहीं उठा रहे दवाएं
जन औषधि केंद्र की दवाओं की सप्लाई का जिम्मा शासन की तरफ से एक वेंडर को मिला है। बताया जा रहा है कि वेंडर दवाओं की सप्लाई दे नहीं पा रहा है। इसकी वजह से पर्याप्त मात्रा में दवाएं केंद्रों पर नहीं मिल पा रही हैं।
डॉक्टर को औषधि केंद्र की दवाएं लिखने से परहेज
जिला और महिला अस्पताल में डॉक्टर भी औषधि केंद्र की दवाएं लिखने से परहेज कर रहे हैं। कुछ डॉक्टर ही औषधि केंद्र की दवाएं लिख रहे हैं। अन्य बाहर की ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं। जबकि, इसे लेकर कई बार डॉक्टरों पर शासन ने नाराजगी भी जताई है।
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गोरखपुर जिले में खुले हैं कुल 27 औषधि केंद्र
गोरखपुर शहर में पांच जगहों पर जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। इनमें जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, कूड़घाट, शास्त्री चौक शामिल हैं। इसके अलावा जिले में अलग-अलग जगहों पर कुल 27 केंद्र खोले गए हैं। एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज सहित सभी सीएचसी पर भी जल्द ही औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इसकी अनुमति मिल गई है।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के असिस्टेंट मैनेजर नितिन ने कहा कि जन औषधि केंद्र के वेयर हाउस में 1100 तरह की दवाएं उपलब्ध है। वेंडर केंद्र के वेयर हाउस से सभी दवाएं ले सकते हैं। उन्हें किसी तरह की अनुमति लेने की भी जरूरत नहीं होगी। अगर वेंडर दवाएं नहीं मंगा रहे हैं, तो इसमें औषधि केंद्र कुछ नहीं कर सकता है।
केस- एक
शुगर मरीजों को दी जाने वाली दवा गलिमिप्राइड (दो एमजी) के 15 टेबलेट के पैक की कीमत जन औषधि केंद्र में 24 रुपये हैं। विल्डाग्लीप्टीन (50 एमजी) के 15 टेबलेट के पैक की कीमत 50 रुपये हैं। जबकि, बाजार में इसी कंपोजीशन की ब्रांडेड कंपनी की दवा 150 से 250 रुपये में मिल रही है।
केस-दो
जन औषधि केंद्र में बीपी में दी जाने वाली दवा टेलमीसार्टन (40 एमजी) के 10 टेबलेट के पैक की कीमत 12 रुपये और 20 एमजी के पैक की कीमत 17 रुपये हैं। जबकि, बाजार में ब्रांडेड दवा की कीमत 120 से 160 रुपये हैं।
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केस- तीन
कोलस्ट्राल की दवा रोसुवैस्टीन (10 एमजी) के 15 टेबलेट के पैक की कीमत औषधि केंद्र पर 18 रुपये है। जबकि, इसी कंपोजीशन की ब्रांडेड कंपनियों की दवा 200 से 250 रुपये में बाजार में मिल रही है।
केस- चार
जन औषधि केंद्र पर एंटीबाॅयोटिक एमाक्सीक्लेव-625 के छह टेबलेट के पैक की कीमत 56 रुपये, सेफुराक्जीम-250 एमजी के 10 टेबलेट के पैक की कीमत 75 रुपये है। ब्रांडेड कंपनी की इसी कोपोजीशन की दवाएं बाजार में 120 रुपये से लेकर 270 रुपये के बीच मिल रही हैं।
केस-पांच
चर्म रोग की दवा लूलीकोनाजोल क्रीम की कीमत जन औषधि केंद्र पर 22 रुपये है। जबकि, इसी साल्ट की क्रीम बाजार में 150 रुपये में मिल रही है। इसमें केवल कंपनी का नाम बदला है, जबकि साल्ट वही है।