Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय में कम होंगी छुट्टियां, नहीं मिलेगी मेडिकल लीव
सोमवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने जब सेमेस्टर परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अधिष्ठाताओं और विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई और उनके सामने छुट्टियों के चलते कार्य प्रभावित होने की बात उठी तो उन्होंने इसे लेकर खासी नाराजगी जताई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर विश्वविद्यालय को वार्षिक परीक्षा प्रणाली से सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली के मोड में लाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छुट्टियों को कम करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में आगामी दिवाली के आसपास की 8, 9, 10 व 14 नवंबर की छुट्टी तत्काल प्रभाव से रद कर दी गई है। यही नहीं विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए मेडिकल छुट्टी की व्यवस्था इस तर्क के साथ समाप्त कर दी है कि मेडिकल छुट्टी का कोई प्रावधान किसी राज्य विश्वविद्यालय में नहीं है।
दशहरा के दौरान विश्वविद्यालय आठ दिन के लिए बंद रहा। इसके चलते अध्ययन-अध्यापन से लेकर परीक्षा संबंधी कार्य भी प्रभावित हुआ। अभी इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन जूझ ही रहा था कि दिवाली में आठ दिन की छुट्टी की चर्चा भी शुरू हो गई।
बीते सोमवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने जब सेमेस्टर परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अधिष्ठाताओं और विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई और उनके सामने छुट्टियों के चलते कार्य प्रभावित होने की बात उठी तो उन्होंने इसे लेकर खासी नाराजगी जताई।
इसे भी पढ़ें: रोजगार मेले में प्लेसमेंट के नाम पर हो सकते हैं ठगी के शिकार, जारी किया गया अलर्ट
कहा कि समय से पढ़ाई और परीक्षा कराने के लिए छुट्टियों की संख्या कम करनी होगी। विश्वविद्यालय में इतनी अधिक छुट्टियां छात्रहित को प्रभावित करने वाली हैं। दशहरे की अधिक छुट्टी के दुष्प्रभाव को देखते हुए उन्होंने दिवाली के दौरान होने वाली आठ छुट्टियों में से चार छुट्टियों को न केवल रद करने का निर्णय ले लिया बल्कि इसे लेकर कुलसचिव से आदेश भी जारी करवा दिया।
मेडिकल छुट्टी की अर्जी पर चौंकीं कुलपति
अधिक छुट्टियों को लेकर उठी चर्चा के बीच जब एक शिक्षक ने मेडिकल छुट्टी की अर्जी लगाई तो कुलपति प्रो. पूनम टंडन चौंक उठीं। उनका कहना था कि किसी राज्य विश्वविद्यालय में मेडिकल छुट्टी का प्राविधान नहीं है तो यहां कैसे यह छुट्टी दी जा सकती है। उन्होंने इसे लेकर प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय की स्थिति की पहले पुष्टि की और फिर गोरखपुर विश्वविद्यालय में मेडिकल छुट्टी रद करने का निर्णय ले लिया। विश्वविद्यालय में फिलहाल पूरी नौकरी के दौरान 365 दिन की छुट्टी का प्रावधान है।
इसे भी पढ़ें: भू-माफिया कमलेश और उसके साथी की जब्त होगी करोड़ों की संपत्ति, पुलिस ने डीएम को भेजी रिपोर्ट
रविवार को लेकर गोविवि में साढ़े तीन महीने छुट्टी
विश्वविद्यालय में अप्रत्याशित रूप से छुट्टियों की संख्या काफी ज्यादा है। सेमेस्टर सिस्टम में इतनी छुट्टियां छात्रहित में नहीं हैं। फिलहाल चार छुट्टी रद की गई हैं। आगामी वर्ष में विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित छुट्टियों की संख्या और कम की जाएगी। मेडिकल छुट्टी को भी रद करने का निर्णय लिया गया है। - प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोविवि