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Masik Durga Ashtami Vrat 2021 : मासिक दुर्गा अष्टमी आज, ऐसे पूजन करने से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
Fri, 18 Jun 2021 12:39 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 18 Jun 2021 12:39 PM IST
सार
मासिक दुर्गा अष्टमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है
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मासिक दुर्गा अष्टमी
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शुक्रवार को मासिक दुर्गा अष्टमी मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है। कहा जाता है कि विधि विधान से दुर्गा के सभी रूप की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत का महत्व
पंडित जोखन पांडेय के अनुसार, ऐसी मान्यता इस दिन मां दुर्गा का व्रत रखने पर जगदंबा माता का आशीर्वाद मिलता है। भक्तों के सारे कष्ट दूर होते हैं। घर में खुशहाली आती है सुख-समृद्धि, धन-लक्ष्मी का आगमन होता है।
दुर्गा अष्टमी पूजन विधि
पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्रा के अनुसार, दुर्गा अष्टमी के दिन सुबह उठें, गंगाजल डालकर स्नानादि करें। लकड़ी के पाठ लें और उस पर लाल वस्त्र बिछाएं। फिर मां दुर्गा के मंत्र का जाप करते हुए उनकी प्रतिमा या फोटो स्थापित करें। लाल या गुड़हल के फूल, सिंदूर, अक्षत, नैवेद्य, सिंदूर, फल, मिष्ठान आदि माता को अर्पित कर विधि पूर्वक माता के सभी स्वरूपों की पूजा करें। फिर धूप-दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और अंत मे आरती कर माता से क्षमा याचना करें।
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मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत का महत्व
पंडित जोखन पांडेय के अनुसार, ऐसी मान्यता इस दिन मां दुर्गा का व्रत रखने पर जगदंबा माता का आशीर्वाद मिलता है। भक्तों के सारे कष्ट दूर होते हैं। घर में खुशहाली आती है सुख-समृद्धि, धन-लक्ष्मी का आगमन होता है।
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दुर्गा अष्टमी पूजन विधि
पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्रा के अनुसार, दुर्गा अष्टमी के दिन सुबह उठें, गंगाजल डालकर स्नानादि करें। लकड़ी के पाठ लें और उस पर लाल वस्त्र बिछाएं। फिर मां दुर्गा के मंत्र का जाप करते हुए उनकी प्रतिमा या फोटो स्थापित करें। लाल या गुड़हल के फूल, सिंदूर, अक्षत, नैवेद्य, सिंदूर, फल, मिष्ठान आदि माता को अर्पित कर विधि पूर्वक माता के सभी स्वरूपों की पूजा करें। फिर धूप-दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और अंत मे आरती कर माता से क्षमा याचना करें।
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