यूपी: BSNL की संचार सेवा डगमगाई, 180 कर्मचारियों ने बीते दिनों लिया वीआरएस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में कार्यरत 272 कर्मचारियों में से 180 ने वीआरएस ले लिया है। इससे बीएसएनएल की संचार सेवा की व्यवस्था डगमगा गई है। बीएसएनएल से सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रधान कार्यालय से लेकर सभी उपकेंद्रों पर काम प्रभावित हुआ है।
बिल जमा होने वाले कैश काउंटर, बैंकों आदि के लिए दी गई लीज लाइन के लिए काम, गेट पर तैनाती व कार्यालय की सुरक्षा, बीटीएस व एक्सचेंज के काम प्रभावित होंगे। वर्तमान में बीएसएनएल ने निजी कंपनी के गार्ड को हटा दिया है। गार्ड की जगह पर गेट की सुरक्षा का जिम्मा एक्सचेंज संभालने वाले मैकेनिक को दिया गया है। इसके अलावा ब्राडबैंड लाइन, मंडल के एक्सचेंज, बेसिक फोन की लाइन आदि को देखने का जिम्मा इन्हीं फोन मैकेनिक पर है।
केबिल लाइन की फाल्ट में आई थी दिक्कत
गीडा के कालेसर में बीते दिनों बीएसएनएल की लांग डिस्टेंस (लंबी दूरी) की केबल कटने से सेवा पूरी तरह ठप रही थी। सुबह ही केबल कट जाने की वजह से एक लाख मोबाइल व सात हजार के आस पास टेलीफोन के उपभोक्ता परेशान हो गए थे। बीएसएनएल कर्मी ने बताया कि वीआरएस लेने से वर्षों से फाल्ट सही करने वाले कर्मचारियों की जगह दूसरे से काम लिया गया। इस वजह से फाल्ट खोजने में काफी परेशानी हुई।
सरकारी आवास का मामला भी अटका
बीएसएनएल ने अपने सरकारी आवासों को किराए पर उठाने की योजना बनाई थी। उस वक्त सभी कर्मचारी विभाग में तैनात थे और उन्हें जिम्मेदारी भी दी गई थी। वीआरएस लेने के बाद अब किराएदारी वाली प्रक्रिया भी सुस्त हो गई है। पिछले साल शुरू हुई योजना अब तक शुरू नहीं की जा सकी। विभाग के सभी सरकारी आवास वैसे ही पड़े हैं। हालांकि इनके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बीएसएनएल प्रधान महाप्रबंधक देवेंद्र सिंह ने कहा कि बीएसएनएल के कर्मचारियों के वीआरएस लेने से काम थोड़ा प्रभावित हुआ है। हालांकि इसका असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। निगम हर संभव मदद करेगा। आवासों के आवेदन की प्रक्रिया दिल्ली से दिशा निर्देश के बाद जल्द ही शुरू किए जाएंगे।