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लीबिया में आतंकियों के चंगुल से रिहा हुआ 'मुन्ना', पत्नी बोली- 'मैंने उम्मीद छोड़ दी थी'
Mon, 12 Oct 2020 03:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, कुशीनगर।
अमर उजाला ब्यूरो, कुशीनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 12 Oct 2020 03:48 PM IST
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लीबिया में मुन्ना।
- फोटो : अमर उजाला।
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लीबिया में एक माह से आतंकवादियों के कब्जे में फंसे खड्डा क्षेत्र के मुन्ना चौहान सहित सात भारतीय सकुशल मुक्त हो गए हैं। मुन्ना ने रविवार देर रात घर फोन कर इसकी जानकारी दी। बताया कि वह सभी सुरक्षित अलसोला अलमुडिया कंपनी पहुंच गए हैं। यह सभी इसी कंपनी में कार्य करते थे। इन्हें मुक्त कराने में कंपनी का काफी योगदान रहा।
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मुन्ना के आतंकवादियों के चंगुल से मुक्त होने पर परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। रविवार रात्रि साढ़े नौ बजे फोन की घंटी बजी और उधर से आई आवाज सुनकर संजू की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। वह आवाज लीबिया में अपहृत मुन्ना चौहान की थी।
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मुन्ना की पत्नी संजू ने बताया कि मैंने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी लेकिन उन्होंने फोन कर बताया कि कंपनी ने मदद कर छुड़ा लिया है। हम सभी लोग सकुशल कंपनी में हैं। मुन्ना ने पूरे परिवार का हालचाल पूछा और ईश्वर तथा सभी मदद करने वालों को धन्यवाद दिया। संजू ने कहा कि पति सहित सातों लोगों की सुरक्षित वापसी कराने में शामिल लोगों का उनका परिवार आभारी है।
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क्या था मामला
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के गड़हिया बसंतपुर निवासी मुन्ना चौहान आर्गन वेल्डर का कार्य करने के लिए एक साल से लीबिया के (अलसोला अलमुडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी) में थे। मुन्ना सहित सात भारतीयों की वीजा अवधि समाप्त होने के चलते देश वापस लौट रहे थे। 14 सितंबर को घर पर फोन करके बताए थे कि 17 सितंबर को दिल्ली पहुंच जाएंगे। इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ।
27 सितंबर को दिल्ली के एनडी ट्रेवेल एजेंसी ने परिजनों को बताया कि लीबिया में 14 सितंबर को आतंकवादियों ने मुन्ना सहित सात भारतीयों का अपहरण कर लिया है और एक को छोड़ने के बदले में बीस हजार अमेरिकी डॉलर फिरौती मांग रहे हैं। इसके बाद से ही मुन्ना के वापसी के लिए परिजन भाग-दौड़ कर रहे थे।
सांसद विजय दुबे ने विदेश मंत्रालय से मुन्ना की वापसी के लिए पत्र दिया था और प्रयासरत थे। लीबिया की अलसोला अलमुडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी भारतीयों को छुड़ाने के लिए आतंकवादियों से बातचीत कर रही थी और इसका सुखद परिणाम निकला कि वह सभी सकुशल मुक्त हो गए।
27 सितंबर को दिल्ली के एनडी ट्रेवेल एजेंसी ने परिजनों को बताया कि लीबिया में 14 सितंबर को आतंकवादियों ने मुन्ना सहित सात भारतीयों का अपहरण कर लिया है और एक को छोड़ने के बदले में बीस हजार अमेरिकी डॉलर फिरौती मांग रहे हैं। इसके बाद से ही मुन्ना के वापसी के लिए परिजन भाग-दौड़ कर रहे थे।
सांसद विजय दुबे ने विदेश मंत्रालय से मुन्ना की वापसी के लिए पत्र दिया था और प्रयासरत थे। लीबिया की अलसोला अलमुडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी भारतीयों को छुड़ाने के लिए आतंकवादियों से बातचीत कर रही थी और इसका सुखद परिणाम निकला कि वह सभी सकुशल मुक्त हो गए।