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'रहे सलामत तेरा अंगना, रण में शीश कटाते हैं’ पंक्तियों से SSP ने कवि गोष्ठी में लूटी महफिल
Thu, 23 Jan 2020 07:37 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Thu, 23 Jan 2020 07:37 PM IST
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कवि गोष्ठी में कविता पाठ करतीं मीनाक्षी शुक्ला।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की ओर से पूर्व अध्यक्ष अरविंद शुक्ल की स्मृति में स्थानीय होटल में आयोजित कवि गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं से बुधवार की सर्द रात में गर्मी ला दी। एसएसपी डॉ सुनील कुमार गुप्ता ने व्यंगात्मक शैली में पुलिस की कार्यशैली को रेखांकित किया। उन्होंने ‘भारत भूमि हे जग जननी, तुझ पर शीश झुकाते हैं, रहे सलामत तेरा अंगना, रण में शीश कटाते हैं’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
वरिष्ठ कवि महेश अश्क ने ‘हमारी अपनी तैयारी नहीं थी, नहीं तो जिंदगी इतनी भारी नही थी’, नरसिंह बहादुर सिंह ने ‘हर किसी के प्रेम में पैगाम होना चाहिए, हर नेक के सम्मान शीश झुकना चाहिए’, वरिष्ठ पत्रकार सुजीत पांडेय ने ‘तुम्हारी आहत की चाहत में, निकल आया कमरे से बाहर’, मुकेश पांडेय ने ‘होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो’ सुनाकर माहौल देशभक्ति भरा बना दिया।
मीनाक्षी शुक्ला ने ‘अपने राष्ट्र भाषा का सदा सम्मान करती हूं, शहीदों की सहादत को हमेशा याद करती हूं’ सुनाकर शहीदों को याद किया। डॉ. चारु शीला सिंह, लाय बानूर ने ‘अब जरूरी है कि आवाज उठाई जाय’, वीरेंद्र मिश्रा दीपक ने ‘निमन दिन हे बबुआ, दुअरा पर आई’ तथा वसीम मजहर ने ‘नफरत के पुजारी को उभरने नहीं देंगे, हम देश किसी तरह बिखरने नही देंगे’ सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने किया।
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वरिष्ठ कवि महेश अश्क ने ‘हमारी अपनी तैयारी नहीं थी, नहीं तो जिंदगी इतनी भारी नही थी’, नरसिंह बहादुर सिंह ने ‘हर किसी के प्रेम में पैगाम होना चाहिए, हर नेक के सम्मान शीश झुकना चाहिए’, वरिष्ठ पत्रकार सुजीत पांडेय ने ‘तुम्हारी आहत की चाहत में, निकल आया कमरे से बाहर’, मुकेश पांडेय ने ‘होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो’ सुनाकर माहौल देशभक्ति भरा बना दिया।
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मीनाक्षी शुक्ला ने ‘अपने राष्ट्र भाषा का सदा सम्मान करती हूं, शहीदों की सहादत को हमेशा याद करती हूं’ सुनाकर शहीदों को याद किया। डॉ. चारु शीला सिंह, लाय बानूर ने ‘अब जरूरी है कि आवाज उठाई जाय’, वीरेंद्र मिश्रा दीपक ने ‘निमन दिन हे बबुआ, दुअरा पर आई’ तथा वसीम मजहर ने ‘नफरत के पुजारी को उभरने नहीं देंगे, हम देश किसी तरह बिखरने नही देंगे’ सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने किया।