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Gorakhpur: जेआरएफ उत्तीर्ण को अब सीधे पीएचडी में प्रवेश, डीडीयू में विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा
Mon, 18 Dec 2023 02:11 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 18 Dec 2023 02:11 PM IST
सार
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय के शोध अध्यादेश में बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत जेआरएफ क्वालिफाई छात्रों को प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें सीधे प्रवेश मिल जाएगा। बची सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
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DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कड़ी मेहनत से पढ़ाई कर जेआरएफ क्वालिफाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब उन्हें पीएचडी करने के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें सीधे प्रवेश मिल जाएगा।
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जेआरएफ के अलावा अन्य नेशनल फेलोशिप पाने वाले छात्रों के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। बची सीटों के लिए रेट की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय अपने शोध अध्यादेश में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जल्द ही इसे विद्या परिषद और कार्य परिषद की बैठक में रखा जाएगा। वहां से पास होने के बाद इसे राजभवन भेजा जाएगा। राजभवन से हरी झंडी मिलने के बाद यह अध्यादेश लागू हो जाएगा।
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जेआरएफ और अन्य राष्ट्रीय फेलोशिप वाले छात्रों को सीधे प्रवेश देने का प्रावधान यूजीसी की 2022 की गाइडलाइन में है। इस व्यवस्था को लागू करने के पीछे विश्वविद्यालय की मंशा है कि अपने विषय के मेधावी छात्र यहां शोध करें। यह व्यवस्था पहले से ही कई विश्वविद्यालयों में लागू है। नेट क्वालिफाई करने वाले टॉप 6 प्रतिशत छात्रों को ही जूनियर रिसर्च फेलोशिप दी जाती है।
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दो बार निकाली जाएगी सीट मेट्रिक्स
पीएचडी में प्रवेश के पहले सभी विभागों की सीट मेट्रिक्स निकाली जाएगी। इसमें सबसे पहले जेआरएफ को प्रवेश दिया जाएगा। अगर जेआरएफ क्वालिफाई छात्र सीट से ज्यादा होंगे तो उन्हें इंटरव्यू से गुजरना होगा। इसके बाद अगर सीटें बचती हैं तो एक बार फिर सीट मेट्रिक्स निकाली जाएगी। इन बची हुई सीटों के सापेक्ष प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
नेट को मिलेगी प्राथमिकता
पीएचडी में प्रवेश के समय नेट क्वालिफाई छात्र-छात्राओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें साक्षात्कार में कुछ अंक दिए जाएंगे। हालांकि, इन्हें प्रवेश परीक्षा से गुजरना होगा।
इसे भी पढ़ें: आशा से निराशा: नर्सिंग होम में हालत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज में मौत पर हंगामा
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय के शोध अध्यादेश में बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत जेआरएफ क्वालिफाई छात्रों को प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें सीधे प्रवेश मिल जाएगा। बची सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस प्रस्ताव को विद्या परिषद और कार्य परिषद में जल्द रखा जाएगा। वहां से पास होने के बाद इसे राजभवन भेजा जाएगा। राजभवन से अनुमति मिलने के बाद ही यह लागू होगा।
पीएचडी में प्रवेश के पहले सभी विभागों की सीट मेट्रिक्स निकाली जाएगी। इसमें सबसे पहले जेआरएफ को प्रवेश दिया जाएगा। अगर जेआरएफ क्वालिफाई छात्र सीट से ज्यादा होंगे तो उन्हें इंटरव्यू से गुजरना होगा। इसके बाद अगर सीटें बचती हैं तो एक बार फिर सीट मेट्रिक्स निकाली जाएगी। इन बची हुई सीटों के सापेक्ष प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
नेट को मिलेगी प्राथमिकता
पीएचडी में प्रवेश के समय नेट क्वालिफाई छात्र-छात्राओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें साक्षात्कार में कुछ अंक दिए जाएंगे। हालांकि, इन्हें प्रवेश परीक्षा से गुजरना होगा।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय के शोध अध्यादेश में बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत जेआरएफ क्वालिफाई छात्रों को प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें सीधे प्रवेश मिल जाएगा। बची सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस प्रस्ताव को विद्या परिषद और कार्य परिषद में जल्द रखा जाएगा। वहां से पास होने के बाद इसे राजभवन भेजा जाएगा। राजभवन से अनुमति मिलने के बाद ही यह लागू होगा।