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एम्स में आईपीडी के लिए मरीजों को करना होगा अभी और इंतजार, जानिए क्या है वजह
Thu, 18 Feb 2021 04:28 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 18 Feb 2021 04:28 PM IST
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AIIMS Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर में बिल्डिंग का काम पूरा न होने की वजह से एम्स में आईपीडी (इन पेशेंट डिपार्टमेंट) के लिए मरीजों को कुछ समय और इंतजार करना होगा। बिल्डिंग बना रही कंपनी के अधिकारियों ने मार्च के अंतिम सप्ताह में काम पूरा कर, हैंड ओवर की बात कही है।
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जानकारी के मुताबिक एम्स में करीब 16 विभागों की ओपीडी शुरू हो चुकी है। एम्स प्रशासन ने फरवरी और मार्च के बीच आईपीडी चलाने की रणनीति बनाई थी। कोरोना महामारी की वजह से बिल्डिंग का काम पूरा नहीं हो सका है, लिहाजा आगे का काम अटक गया।
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कंपनी अधिकारियों के वायदे के मुताबिक, अगर बिल्डिंग का काम मार्च के अंतिम सप्ताह तक पूरा हो गया, तब एम्स प्रशासन फैसला लेगा कि अप्रैल में आईपीडी चलाई जा सकती है या नहीं।
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क्या है आईपीडी
आईपीडी (इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) में मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। इस दौरान अलग-अलग विभागों में मरीज भर्ती होते हैं। जिनकी देखभाल डॉक्टरों की टीम करती है।
1000 से अधिक की है ओपीडी
एम्स में ओपीडी की शुरुआत लॉकडाउन के बाद हुई है। इसके बाद से ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आ रहे हैं। कभी-कभार यह संख्या 1500 तक पहुंच जाती है।
एम्स निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने कहा कि बिल्डिंग का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। काम करा रही संस्था ने मार्च के अंतिम सप्ताह में बिल्डिंग हैंड ओवर करने की बात कही है। बिल्डिंग हैंड ओवर होने के बाद जल्द से जल्द आईपीडी शुरू कराई जाएगी, जिससे की मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।
1000 से अधिक की है ओपीडी
एम्स में ओपीडी की शुरुआत लॉकडाउन के बाद हुई है। इसके बाद से ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आ रहे हैं। कभी-कभार यह संख्या 1500 तक पहुंच जाती है।
एम्स निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने कहा कि बिल्डिंग का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। काम करा रही संस्था ने मार्च के अंतिम सप्ताह में बिल्डिंग हैंड ओवर करने की बात कही है। बिल्डिंग हैंड ओवर होने के बाद जल्द से जल्द आईपीडी शुरू कराई जाएगी, जिससे की मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।