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धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप: 1,843 एकड़ में लगेंगे उद्योग, 10 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
Fri, 16 Dec 2022 11:47 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 16 Dec 2022 11:47 AM IST
सार
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि मूर्त रूप में आने के बाद यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समेत समूचे गोरखपुर दक्षिणांचल के लिए गेम चेंजर साबित होगी। बीते पांच सालों में देश-दुनिया के कई निवेशकों का रुझान गोरखपुर की तरफ देखते हुए सरकार धुरियापार क्षेत्र को ग्रेटर गीडा बनाने की तैयारी कर रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में करीब 1,843 एकड़ में उद्योग लगेंगे और करीब 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) प्रशासन ने धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के मास्टर प्लान पर प्रक्रियात्मक कार्य तेज कर दिया है।
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इसी क्रम में गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ पहले बैठक की और फिर क्षेत्र का निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण पहलुओं को मास्टर प्लान में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत इंडस्ट्रियल टाउनशिप की रोड व रेल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जाना है। 18 ग्रामों की 5,754 एकड़ भूमि में बसने वाले नवीन धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप का ड्राफ्ट मास्टर प्लान मेसर्स रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है।
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इसके अनुसार कुल क्षेत्रफल में 32.04 प्रतिशत क्षेत्र औद्योगिक, 19.39 प्रतिशत आवासीय, 6.51 प्रतिशत पीएसपी, 4.21 प्रतिशत व्यावसायिक, 15.70 प्रतिशत हरित-खुला क्षेत्र, 2.32 प्रतिशत मिश्रित, 4.17 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट सुविधाओं के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसका प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष हो चुका है।
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ड्राफ्ट मास्टर प्लान के संबंध में संबंधित विभागों से सुझाव लेने एवं विचार विमर्श के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी पवन अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में बैठक की। इसमें लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, विद्युत ट्रांसमिशन, अग्निशमन, प्रदूषण नियंत्रण, पूर्वोत्तर रेलवे, जल निगम आदि के अधिकारी शामिल हुए।
अलग रेलवे साइडिंग पर भी विचार
बैठक में लॉजिस्टिक हब विकसित किए जाने के लिए निकटतम रेलवे कनेक्टिविटी, बड़े उद्योगों के लिए पृथक से रेलवे साइडिंग दिए जाने, 45 मीटर से अधिक चौड़ाई वाली सड़कों के लिए सर्विस रोड का भी प्रावधान करने, उद्योगों व अन्य भू प्रयोगों में आने वाली प्रक्रियाओं के सरलीकरण तथा 132 केवी विद्युत उप केंद्र की स्थापना किए जाने हेतु सुझाव आए।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने रोड कनेक्टिविटी, रेल कनेक्टिविटी, ड्रेनेज सिस्टम, ट्रांसमिशन लाइन एवं आबादी के विस्तार के दृष्टिगत सुविधाओं को मास्टर प्लान में समावेशित करने का निर्देश दिया।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि मूर्त रूप में आने के बाद यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समेत समूचे गोरखपुर दक्षिणांचल के लिए गेम चेंजर साबित होगी। बीते पांच सालों में देश-दुनिया के कई निवेशकों का रुझान गोरखपुर की तरफ देखते हुए सरकार धुरियापार क्षेत्र को ग्रेटर गीडा बनाने की तैयारी कर रही है। औद्योगिक विकास के साथ ही यहां रोजगार की बयार बहेगी।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने रोड कनेक्टिविटी, रेल कनेक्टिविटी, ड्रेनेज सिस्टम, ट्रांसमिशन लाइन एवं आबादी के विस्तार के दृष्टिगत सुविधाओं को मास्टर प्लान में समावेशित करने का निर्देश दिया।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि मूर्त रूप में आने के बाद यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समेत समूचे गोरखपुर दक्षिणांचल के लिए गेम चेंजर साबित होगी। बीते पांच सालों में देश-दुनिया के कई निवेशकों का रुझान गोरखपुर की तरफ देखते हुए सरकार धुरियापार क्षेत्र को ग्रेटर गीडा बनाने की तैयारी कर रही है। औद्योगिक विकास के साथ ही यहां रोजगार की बयार बहेगी।