फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Incident occurred around 9:30 AM in Gorakhnath's Vasant Enclave; Dr. Parmatma Singh was posted in Maharajganj.

Gorakhpur News: 1.40 करोड़ की ठगी के शिकार पशु चिकित्सक ने आठवीं मंजिल से कूदकर दी जान

Fri, 14 Aug 2026 02:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 02:36 AM IST
विज्ञापन
Incident occurred around 9:30 AM in Gorakhnath's Vasant Enclave; Dr. Parmatma Singh was posted in Maharajganj.
- गोरखनाथ के बसंत इंक्लेव में सुबह करीब 9:30 बजे की घटना, महराजगंज में तैनात थे डॉ. परमात्मा सिंह
विज्ञापन

- सुसाइड नोट में ठगी के मुकदमे में नामजद गरिमा सिंह को ठहराया मौत का जिम्मेदार

गोरखपुर। 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के शिकार और मुकदमे के वादी पशु चिकित्सक डॉ. परमात्मा सिंह (42) ने बृहस्पतिवार सुबह गोरखनाथ के बसंत इंक्लेव अपाॅर्टमेंट की आठवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। करीब 9:30 बजे हुई घटना के बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी जेब से मिले सुसाइड नोट में ठगी के मुकदमे में नामजद गरिमा सिंह को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। सूचना पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
मूलरूप से मऊ के बरबोझी मोहम्मदाबाद निवासी डॉ. परमात्मा सिंह महाराजगंज के रतनपुर में पशु चिकित्सक के पद पर तैनात थे। वह पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह और दो बच्चों रिहंत सिंह (12) और बेटी पार्णिका (08) के साथ राजेंद्र नगर स्थित बसंत इंक्लेव के फ्लैट नंबर बी-213 में रहते थे। पत्नी भी नौतनवां ब्लॉक के सिसवां बसंतपुर में पशु चिकित्सक हैं।
विज्ञापन

पत्नी के मुताबिक, सुबह बच्चों को स्कूल छोड़कर लौटने के बाद परमात्मा करीब 9:13 बजे कपड़े सुखाने के लिए आठवीं मंजिल पर गए थे। कुछ देर बाद उनके वहां से गिरने की सूचना मिली। करीब 9:30 बजे अपॉर्टमेंट के लोगों ने उनको बताया। 9:40 बजे पीआरवी-112 से सूचना मिलने पर पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंची। तलाशी में उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला। इसमें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार गरिमा सिंह को ठहराया था। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
पांच अगस्त को दर्ज कराई थी 1.40 करोड़ की ठगी की प्राथमिकी
पुलिस के मुताबिक, डॉ. परमात्मा ने पांच अगस्त को एम्स थाने में 1.40 करोड़ रुपये की ठगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें पीएचडी महिला गरिमा सिंह, उसके रेलवे अधिकारी पिता ध्रुव नारायण सिंह, शिक्षक पति समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने गरिमा और उसके पिता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, ठगी के बाद बैंक से रकम की रिकवरी का दबाव था। करोड़ों रुपये के लोन की जानकारी सामने आने के बाद परिवार में भी तनाव बढ़ गया था।

पांच बहनों मेंं इकलौते थे डॉ. परमात्मा
बेटे डॉ. परमात्मा की मौत की खबर पर पिता पारसनाथ सिंह और मां कुंती सिंह पूर्वांह्न 11:30 बजे गोरखपुर पहुंचे। अपाॅर्टमेंट के बाहर भीड़ देखकर दोनों स्तब्ध रह गए। पिता ने बताया कि परमात्मा 28 जुलाई को गांव आए थे। परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है और खेती-बाड़ी भी ठीक है। उनका कहना था कि लोन चुकाया जा सकता था, फिर बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह समझ नहीं आ रहा। परमात्मा पांच बहनों प्रतिभा, आभा, रंजना, नूतन व आस्था में तीसरे नंबर पर थे। ये कहते हुए उनकी आंखें भर आईं। वहीं कुंती देवी, डॉ. परमात्मा की पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। हादसे की खबर सुनकर स्कूल से घर लौटे बच्चे अपनी मां से लिपट कर रोने लगे।



सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जालसाजों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा भी बढ़ाई जाएगी। साथ ही जांच के दौरान इस मुकदमे से जुड़े घटनाक्रम को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
- डॉ. कौस्तुभ, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed