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Gorakhpur News: सुबह घरों में थीं खुशिया... शाम होते-होते छा गया मातम

Sat, 29 Aug 2026 02:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 02:10 AM IST
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In the morning, there was happiness in the homes... by evening, a pall of gloom had descended.
पीआरडी जवान समेत दो की मौत का मामला
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गोरखपुर। रक्षाबंधन दो परिवारों के लिए जिंदगी भर की टीस बन गया। सुबह तक जिन घरों में त्योहार की खुशियां थीं, वहां शाम होते-होते मातम छा गया। सिकरीगंज क्षेत्र में हुए हादसे में रामलोचन और बबलू की मौत ने उनके परिवारों की पूरी जिंदगी बदल दी। दोनों अपने-अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे लेकिन एक झटके में पत्नी और बच्चों से उनका सहारा छिन गया।
रामलोचन के परिवार में पत्नी उषा देवी और दो बच्चे हैं। बेटा आशीष कुमार 17 वर्ष का है, जबकि बेटी अल्का की उम्र 22 वर्ष है। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी रामलोचन संभाल रहे थे। उनके अचानक चले जाने से उषा देवी के सामने घर-परिवार चलाने के साथ बच्चों के भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है। पति की मौत की खबर सुनने के बाद से उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
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तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
बबलू बेलदार के परिवार में पत्नी मंजू देवी के साथ तीन बच्चे हैं। 12 वर्षीय अंशिका, आठ वर्षीय किशन और पांच वर्षीय सलोनी अभी पिता के स्नेह और सहारे पर निर्भर थे। बबलू घर पर रहकर खेती करते थे और इसी से परिवार की आजीविका चलती थी। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों का संकट खड़ा हो गया है। हादसे में बबलू की पत्नी मंजू देवी भी घायल हुई हैं। ऐसे में बच्चों की देखभाल और घर की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए और कठिन हो गया है। मासूम बच्चों को अभी यह तक समझ नहीं कि उनके साथ क्या हो गया। जिस दिन पिता उन्हें त्योहार की खुशियां देने निकले थे, उसी दिन वे हमेशा के लिए उनसे दूर हो गए।
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खुशियों की जगह घरों में पसरा सन्नाटा
दोनों परिवारों में त्योहार को लेकर उत्साह था। बबलू बहन से राखी बंधवाकर घर लौट रहे थे, वहीं रामलोचन ड्यूटी पूरी कर परिवार के पास जाने की राह पर थे। हादसे की खबर पहुंचते ही दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदार और ग्रामीण घर पहुंचकर परिजन को संभालते रहे। त्योहार के दिन हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को भी गमगीन कर दिया।
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