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Gorakhpur News: फोटो- मेडिकोलीगल समस्याओं की बड़ी वजह डॉक्टर और तीमारदारों के बीच की संवादहीनता
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आईएमए की तरफ से संगोष्ठी का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। तारामंडल स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के (आईएमए) भवन में मेडिकल जगत में उत्पन्न हो रही मेडिकोलीगल तथा कानूनी समस्याएं और इससे बचाव एवं निवारण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इससे पूर्व आईएमए की आम सभा की बैठक भी हुई।
मेडिकोलीगल एक्सपर्ट डॉ. महेश बलदवा ने कहा कि इलाज के दौरान आने वाली मेडिकोलीगल समस्याओं का बड़ा कारण मरीज के गंभीर होने की स्थिति में डॉक्टर और तीमारदारों के बीच संवादहीनता है। एलोपैथी इलाज में ऑपरेशन और दवाइयों का दुष्प्रभाव अक्सर देखा जाता है। इसको लापरवाही की श्रेणी में लाना गलत है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा की जितना मरीज और तीमारदार चाहते हैं कि डॉक्टर के अच्छे परिणाम आए, उससे ज्यादा डॉक्टर चाहता है कि उसका मरीज जल्दी ठीक हो जाए। लेकिन, कभी-कभार मरीज पर दवाओं का असर नहीं होता और परिणाम कुछ और आ जाते हैं। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को धैर्य से काम लेने की जरूरत है। सचिव डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. एके शाही, डॉ. वीके सिंह, डॉ. वाई सिंह, डॉ. इमरान अख्तर, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. राजेश पांडेय, डॉ. रजनीश चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। तारामंडल स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के (आईएमए) भवन में मेडिकल जगत में उत्पन्न हो रही मेडिकोलीगल तथा कानूनी समस्याएं और इससे बचाव एवं निवारण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इससे पूर्व आईएमए की आम सभा की बैठक भी हुई।
मेडिकोलीगल एक्सपर्ट डॉ. महेश बलदवा ने कहा कि इलाज के दौरान आने वाली मेडिकोलीगल समस्याओं का बड़ा कारण मरीज के गंभीर होने की स्थिति में डॉक्टर और तीमारदारों के बीच संवादहीनता है। एलोपैथी इलाज में ऑपरेशन और दवाइयों का दुष्प्रभाव अक्सर देखा जाता है। इसको लापरवाही की श्रेणी में लाना गलत है।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा की जितना मरीज और तीमारदार चाहते हैं कि डॉक्टर के अच्छे परिणाम आए, उससे ज्यादा डॉक्टर चाहता है कि उसका मरीज जल्दी ठीक हो जाए। लेकिन, कभी-कभार मरीज पर दवाओं का असर नहीं होता और परिणाम कुछ और आ जाते हैं। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को धैर्य से काम लेने की जरूरत है। सचिव डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. एके शाही, डॉ. वीके सिंह, डॉ. वाई सिंह, डॉ. इमरान अख्तर, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. राजेश पांडेय, डॉ. रजनीश चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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