व्यापारी के दो मंजिला मकान और गोदाम में लगी भीषण आग, दमकल की पांच गाड़ियों के प्रयास से पाया गया काबू
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कैंट इलाके के कूड़ाघाट में जूते की दुकान चलाने वाले व्यापारी अनूप गुप्ता के दो मंजिला मकान व गोदाम में शनिवार की शाम करीब सात बजे आग लग गई। घरवाले किसी तरह खुद को बचाते हुए बाहर आ गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। लपटें बाहर निकलती देख आसपास के लोगों और राहगीरों की भीड़ लग गई।
दमकल की पांच गाड़ियाें की मदद से करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया। आग से घर में रखा तीनों भाइयों का सामान व गोदाम में रखे जूते जल गए। अनूप गुप्ता के अनुसार 13 से 14 लाख के सामान जले हैं। वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कूड़ाघाट के रामा कांप्लेक्स के पास रहने वाले लाल जी के तीन बेटे अनूप उर्फ बंटू, कृष्ण कुमार उर्फ पप्पू और विष्णु उर्फ बबलू गुप्ता उसी मकान में अपने-अपने परिवार के साथ रहते हैं। अनूप की बाजार में जूते चप्पल की दुकान है। कृष्ण कुमार व विष्णु की श्रृंगार की दुकान है। अनूप मकान के एक कमरे में गोदाम भी बनाए हैं जिसमें दो तीन बंडल जूते रखे थे।
तीनों भाइयों की पत्नियों ने बताया कि शाम के वक्त घर में भगवान के मंदिर में दीया जलाया गया था। उसके बाद अचानक शॉर्टसर्किट से आग लग गई। पहले खुद आग बुझाने की कोशिश की गई लेकिन आग तेज हो गई। जिसके बाद वे लोग घर से बाहर भाग कर निकलीं।
सहम गए थे पड़ोस के लोग
सूचना पर सीओ कैंट सुमित शुक्ल, कैंट इंस्पेक्टर रवि राय, इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी इंचार्ज महेंद्र मिश्र, एयरफोर्स चौकी पुलिस व दमकल की पांच गाड़ियां पहुंचीं। तब जाकर आग पर काबू पाया गया। अनूप ने बताया कि आग उनके दूसरे मंजिल में ज्यादा थी। अन्य दोनों भाइयों के भी कई सामान जले हैं।
मौके पर नायब तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल भी पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। वहीं चर्चा है कि मंदिर में जले दिए से आग लगी है। फिलहाल प्रशासन, पुलिस व फायर ब्रिगेड कर्मी जांच कर रहे हैं कि आग किन कारणों से लगी और कितना नुकसान हुआ।
अनूप का मकान एक पतली गली में है। उनके मकान के सामने और बगल में दोनों तरफ एक दूसरे से सटे कई मकान हैं जिसमें रहने वाले लोग भी आग फैलने से सहम गए थे। आनन फानन में वे लोग भी अपने घरों से बाहर निकल आए। उन्हें डर था कि कहीं उनके घरों तक आग न पहुंच जाए।
लोग बनाने लगे वीडियो
आग लगने के बाद मुख्य सड़क पर सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई थी। लोग आग बुझाने का प्रयास करने के बजाय उसका वीडियो मोबाइल फोन से बनाने लगे। इससे पुलिस और दमकल कर्मियों की मुश्किलें बढ़ गईं और आग बुझाने में कठिनाई होने लगी। पुलिस ने उन्हें थोड़ी दूर किया और फिर आग बुझाने में जुटी गई।