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हिस्ट्रीशीटर दीपचंद पुलिस के हत्थे चढ़ा
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हिस्ट्रीशीटर दीपचंद पुलिस के हत्थे चढ़ा
गोरखपुर। खोराबार थाने के हिस्ट्रीशीटर रहे नंगा निषाद के हिस्ट्रीशीटर पुत्र दीपचंद निषाद को सोमवार की देर रात पुलिस ने क्षेत्र में एक फैक्ट्री के गोदाम के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से देसी तमंचा और कारतूस बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि वह कोई बड़ी वारदात करने के फिराक में था कि इसकी जानकारी मुखबिर ने पुलिस को दे दी। थाने में दर्ज हत्या की कोशिश, डकैती के मामले में भी वह वांछित था। हाल ही में थाने की टॉप 10 बदमाशों की सूची में भी उसका नाम शामिल है।
खोराबार निवासी दीपचंद इन दिनों जमीन कब्जा कर वसूली करने का काम भी शुरू कर दिया था। इसकी शिकायत भी आला अफसरों के पास पहुंची थी जिसके बाद पुलिस इसकी सरगर्मी से तलाश भी शुरू कर दी थी। एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि थानेदार नासिर हुसैन टीम के साथ देवरिया बाईपास पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने आरोपित को दबोच लिया। थाने में 2015 में दर्ज मारपीट, हत्या की कोशिश, धमकी, डकैती के मामले में भी वह वांछित था और तमंचा मिलने पर आर्म्स एक्ट का नया केस दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ कुल 11 मामले दर्ज हो चुके हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानेदार के अलावा उप निरीक्षक पंकज कुमार सिंह, रविसेन यादव, हेड कांस्टेबल संजय कुमार सिंह शामिल थे।
पिता के साथ दो बार पुलिस टीम पर कर चुका है जानलेवा हमला
दीपचंद अपने हिस्ट्रीशीटर पिता नंगा निषाद और घरवालों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर दो बार जानलेवा हमला भी कर चुका है। मारपीट कर पुलिस की बंदूक भी लूट ली थी। 12 मार्च 2010 को तत्कालीन खोराबार थानेदार प्रदीप सिंह हमराहियों के साथ उसके घर दबिश डालने गए थे। उस समय नंगा, दीपचंद अपने साथियों और घरवालों के साथ पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। प्रदीप सिंह करीब एक साल कोमा में रहे थे। किसी तरह से उनकी जान बची थी। कई पुलिस वालों को उस समय बंधक भी बना लिया गया था।
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इसके बाद 6 मई 2012 को झंगहा के रामप्रीत का अपहरण और पिटाई कर उसकी राइफललूटने के मामले में पुलिस दबिश देने गई थी। तब सिपाही राम इकबाल सिंह को मारपीट कर दीपचंद ने घायल कर दिया था और सरकारी पिस्टल, बाइक की चाबी, मोबाइल फोन लूट लिया था। एक अन्य सिपाही रामअवध को बंधक भी बनाया गया था। अगस्त 2015 में जमीन कब्जा करने के लिए रामपुर में दो भाइयों सिकंदर और शत्रुधन का अपहरण कर उन्हें पीटकर मरणासन्न करने के मामले में भी पुलिस केस दर्ज की थी।
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गोरखपुर। खोराबार थाने के हिस्ट्रीशीटर रहे नंगा निषाद के हिस्ट्रीशीटर पुत्र दीपचंद निषाद को सोमवार की देर रात पुलिस ने क्षेत्र में एक फैक्ट्री के गोदाम के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से देसी तमंचा और कारतूस बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि वह कोई बड़ी वारदात करने के फिराक में था कि इसकी जानकारी मुखबिर ने पुलिस को दे दी। थाने में दर्ज हत्या की कोशिश, डकैती के मामले में भी वह वांछित था। हाल ही में थाने की टॉप 10 बदमाशों की सूची में भी उसका नाम शामिल है।
खोराबार निवासी दीपचंद इन दिनों जमीन कब्जा कर वसूली करने का काम भी शुरू कर दिया था। इसकी शिकायत भी आला अफसरों के पास पहुंची थी जिसके बाद पुलिस इसकी सरगर्मी से तलाश भी शुरू कर दी थी। एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि थानेदार नासिर हुसैन टीम के साथ देवरिया बाईपास पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने आरोपित को दबोच लिया। थाने में 2015 में दर्ज मारपीट, हत्या की कोशिश, धमकी, डकैती के मामले में भी वह वांछित था और तमंचा मिलने पर आर्म्स एक्ट का नया केस दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ कुल 11 मामले दर्ज हो चुके हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानेदार के अलावा उप निरीक्षक पंकज कुमार सिंह, रविसेन यादव, हेड कांस्टेबल संजय कुमार सिंह शामिल थे।
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पिता के साथ दो बार पुलिस टीम पर कर चुका है जानलेवा हमला
दीपचंद अपने हिस्ट्रीशीटर पिता नंगा निषाद और घरवालों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर दो बार जानलेवा हमला भी कर चुका है। मारपीट कर पुलिस की बंदूक भी लूट ली थी। 12 मार्च 2010 को तत्कालीन खोराबार थानेदार प्रदीप सिंह हमराहियों के साथ उसके घर दबिश डालने गए थे। उस समय नंगा, दीपचंद अपने साथियों और घरवालों के साथ पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। प्रदीप सिंह करीब एक साल कोमा में रहे थे। किसी तरह से उनकी जान बची थी। कई पुलिस वालों को उस समय बंधक भी बना लिया गया था।
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इसके बाद 6 मई 2012 को झंगहा के रामप्रीत का अपहरण और पिटाई कर उसकी राइफललूटने के मामले में पुलिस दबिश देने गई थी। तब सिपाही राम इकबाल सिंह को मारपीट कर दीपचंद ने घायल कर दिया था और सरकारी पिस्टल, बाइक की चाबी, मोबाइल फोन लूट लिया था। एक अन्य सिपाही रामअवध को बंधक भी बनाया गया था। अगस्त 2015 में जमीन कब्जा करने के लिए रामपुर में दो भाइयों सिकंदर और शत्रुधन का अपहरण कर उन्हें पीटकर मरणासन्न करने के मामले में भी पुलिस केस दर्ज की थी।