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Gorakhpur News: आजाद हिंद फौज से जुड़ा से नगरी कालिका मंदिर का इतिहास
Tue, 16 Apr 2024 05:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 16 Apr 2024 05:59 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर के दक्षिणांचल में महाबीर छपरा से छह किमी दूर बांसगांव मार्ग पर कछार में स्थित माता नगरी कालिका मंदिर प्राचीन और ऐतिहासिक है। मंदिर का इतिहास आजाद हिंद फौज से जुड़ा है। नवरात्र में मंदिर में काफी लोग दर्शन पूजन करने जाते हैं। मान्यता है कि भगवती की पूजा से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
ताल क्षेत्र के निर्जन स्थान में बने मंदिर में दूर-दराज के लोग पूजा करने जाते हैं। बांसगांव-महावीर छपरा रोड के निर्माण के बाद मंदिर तक जाना सुगम हो गया है। चार दशक पहले नवरात्र में सवा महीना मेला लगा करता था। 1977 के बाद मेला बंद हो गया। भक्तों के प्रयास से फिर मंदिर का विकास हो रहा है।
क्षेत्र के बरवल निवासी इतिहासकार डॉ. दानपाल सिंह बताते हैं कि जनश्रुतियों के अनुसार आजाद हिंद फौज से जुड़े पंजाब निवासी सूर्य नारायण चोपड़ा मंदिर में साधू के वेश में रहते थे। यह मंदिर प्राचीन है।
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ताल क्षेत्र के निर्जन स्थान में बने मंदिर में दूर-दराज के लोग पूजा करने जाते हैं। बांसगांव-महावीर छपरा रोड के निर्माण के बाद मंदिर तक जाना सुगम हो गया है। चार दशक पहले नवरात्र में सवा महीना मेला लगा करता था। 1977 के बाद मेला बंद हो गया। भक्तों के प्रयास से फिर मंदिर का विकास हो रहा है।
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क्षेत्र के बरवल निवासी इतिहासकार डॉ. दानपाल सिंह बताते हैं कि जनश्रुतियों के अनुसार आजाद हिंद फौज से जुड़े पंजाब निवासी सूर्य नारायण चोपड़ा मंदिर में साधू के वेश में रहते थे। यह मंदिर प्राचीन है।
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