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इस एक लापरवाही के कारण स्वस्थ व्यक्ति हो गया कोरोना संक्रमित, अब ऐसे भुगतनी पड़ रही सजा
Mon, 18 May 2020 08:21 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 18 May 2020 08:21 AM IST
सार
- परिवार को भुगतनी पड़ रही क्वारंटीन की सजा
- तीन मासूम बच्चे सहित 17 लोग विभाग की गलती से हो गए क्वारंटीन
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से आखिरकार एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो गया। महज नाम के कारण हुई चूक मानकर विभाग ने इस मामले में आंखें बंद कर लीं। शाहपुर के बेलघाट के जिस सामान्य युवक को दो दिन पहले 15 मई को करीब 15 घंटे कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया था। 24 घंटे बाद दोबारा जांच हुई तो वह कोरोना पॉजिटिव निकल गया।
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रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही उसे टीबी अस्पताल के एक अलग कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है। विभाग की लापरवाही का खामियाजा उसे और उसके परिवार को अब 14 दिन तक भुगतना पड़ेगा। बृहस्पतिवार को चार लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
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मिलते- जुलते नाम के चलते एक निगेटिव व्यक्ति को मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती करा दिया। जबकि पीपीगंज का रहने वाला पॉजिटिव व्यक्ति टीबी अस्पताल में क्वारंटीन रहा। 15 घंटे बाद जब विभाग को पता चला कि तो आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज से टीबी अस्पताल में क्वारंटीन कराया गया।
इसके बाद विभाग के आलाधिकारी यह दलील देते रहे कि उसे संक्त्रस्मण का कोई खतरा नहीं है। क्योंकि वहां हर व्यक्ति तीन-तीन मीटर की दूरी पर है। यहीं नहीं उसे केवल कोरोना वार्ड में ही भर्ती कराया गया।
बल्कि तीन अन्य संक्त्रस्मित व्यक्तियों के साथ उसे एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भेजा गया था। फिलहाल देर रात उसे टीबी अस्पताल के एक अलग कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है।
इसके बाद विभाग के आलाधिकारी यह दलील देते रहे कि उसे संक्त्रस्मण का कोई खतरा नहीं है। क्योंकि वहां हर व्यक्ति तीन-तीन मीटर की दूरी पर है। यहीं नहीं उसे केवल कोरोना वार्ड में ही भर्ती कराया गया।
बल्कि तीन अन्य संक्त्रस्मित व्यक्तियों के साथ उसे एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भेजा गया था। फिलहाल देर रात उसे टीबी अस्पताल के एक अलग कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है।