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तीन सौ साल पुराना है शहर का ये खानदान, आज मनाया गया उर्स
Sat, 26 Sep 2020 04:21 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 26 Sep 2020 04:21 PM IST
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चादर पेशी के बाद हुई कुल शरीफ की रस्म।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर शहर के जाफरा बाजार में ‘सब्जपोश’ खानदान करीब तीन सौ सालों से बसा हुआ है। इस खानदान और शहर के बड़े वलियों में शुमार हजरत मीर सैयद कयामुद्दीन शाह अलैहिर्रहमां का 314वां उर्स-ए-पाक शनिवार को सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया।
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सुबह कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी की गई। मजार पर चादर पेश करने के बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। उर्स के मौके पर मौलाना अहमद हसन व मस्जिद के पेश इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने हजरत मीर सैयद कयामुद्दीन की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए बताया कि आप बादशाह शाहजहां के जमाने में गोरखपुर में आए।
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इनके पीर हजरत शैख मोहम्मद रशीद जौनपुरी अलैहिर्रहमां ने आपको खिलाफत अता फरमाई और गोरखपुर के हो गए। जहां वह ठहरे (जाफरा बाजार में) वहां जंगल था। आपने मस्जिद बनवाई। हुजरा कायम किया। हमेशा रोजे रखने और इबादत के अलावा आप बहुत हुनरमंद थे। इनका निधन 8 सफर 1128 हिजरी को हुआ, उनकी उम्र सौ वर्ष से ज्यादा हो चुकी थी। इनका मजार सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के प्रांगण में है।
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कुरआन-ए-पाक की तिलावत हाफिज सद्दाम हुसैन ने की। नात-ए-पाक हाफिज महमूद रजा कादरी ने पेश की। अंत में सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमनो अमान व तरक्की और कोरोना महामारी से निजात की दुआ मांगी गई। शीरीनी बांटी गई।
इस दौरान सैयद नौशाद अली सब्जपोश, सैयद तारिक अली सब्जपोश, सैयद दानिश अली सब्जपोश, हाफिज मो. आमिर हुसैन निजामी, सैयद अहमद बाबू, हाफिज मुजम्मिल रजा खान, हाफिज अब्दुल कय्यूम, अब्दुस समद, हाफिज रहमत अंसारी, गुलाम मुस्तफा, मो. सैफ अली आदि अकीदतमंद मौजूद रहे।