200 गांवों में पानी का हुआ था परीक्षण: 20 फीसदी नमूनों में मिला हानिकारक बैक्टीरिया, इंसेफेलाइटिस से प्रभावित है ये गांव
इंसेफेलाइटिस व कोरोना प्रभावित 200 गांवों में पानी की शुद्धता का हुआ था परीक्षण, गांवों के हैंडपंप में ब्लीचिंग पाउडर का घोल व लाल दवा डाली जाएगी।
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गोरखपुर जिले के इंसेफेलाइटिस एवं कोरोना प्रभावित जिन 200 गांवों में पानी की गुणवत्ता जांची गई है, उनमें से 20 फीसदी से अधिक नमूनों में हानिकारक बैक्टीरिया मिले हैं। जांच के बाद पानी का रंग काला हो गया। इस पानी से जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका है। विभाग अब अभियान चलाकर इन गांवों के पानी को शुद्ध कराएगा।
पंचायतीराज विभाग ने जिले के इंसेफेलाइटिस व कोरोना प्रभावित 200 गांवों में जांच के लिए 10-10 वायल भेजे थे। हर गांव में 10-10 इंडिया मार्क टू हैंडपंप एवं साधारण हैंडपंप से पानी का नमूना लिया गया। अब सभी जगहों पर नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है।
यह रिपोर्ट कमिश्नर जयंत नार्लिकर व जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन को दी जाएगी। डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि सभी 2000 नमूनों की रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें से 408 सैंपल में हानिकारक बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि हुई है।
इन गांवों के हैंडपंप में ब्लीचिंग पाउडर का घोल डाला जाएगा और लाल दवा भी डाली जाएगी। इसके साथ ही बरसात के मौसम को देखते हुए अन्य गांवों में भी पीने का पानी शुद्ध करने के लिए जरूरी उपाय किए जाएंगे।
इन ब्लॉकों के गांव का पानी मिला खराब
डीपीआरओ ने बताया कि हर ब्लॉक में 100 नमूने लिए गए थे। इसमें से खोराबार में सर्वाधिक 37 नमूनों में पानी का रंग काला हो गया। इसी तरह बड़हलगंज में 37, सहजनवां में 36, ब्रह्मपुर में 34, कौड़ीराम में 31, गोला में 31, गगहा में 25, पिपराइच में 21, भटहट में 21, सरदारनगर में 21, बेलघाट में 20, पिपरौली में 19, खजनी में 18, चरगांवा में 18, बांसगांव में 14, कैंपियरगंज में 11, भरोहिया में छह, जंगल कौड़िया व उरुवा में तीन-तीन नमूनों में पानी का रंग काला पाया गया है। इसमें हानिकारक बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
पाली ब्लॉक का पानी शुद्ध
पाली ब्लॉक में भी 10 गांवों से 100 सैंपल लिए गए थे लेकिन सभी में पानी शुद्ध मिला। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने इस बात पर आश्चर्य जताया है। हालांकि एहतियातन एक बार और यहां पानी की गुणवत्ता जांची जाएगी। यदि कहीं पानी खराब मिला तो उसकी गुणवत्ता ठीक की जाएगी।