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Gorakhpur News: एम्स इमरजेंसी के बाहर गार्डों ने तीमारदार को पीटा, मोबाइल भी तोड़ा
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गोरखपुर। एम्स की इमरजेंसी के बाहर सोमवार देर रात गार्डों ने एक तीमारदार की पिटाई कर दी। आरोप है कि गार्डों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। मामले में पीड़ित ने एम्स थाने में तहरीर दी है।
जानकारी के अनुसार, पिपराइच थाना क्षेत्र निवासी योगेंद्र निषाद 13 अप्रैल की रात अपने परिजन के इलाज के लिए एम्स की इमरजेंसी में मौजूद थे और एमआरआई के लिए नंबर का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान इमरजेंसी के बाहर खड़ी एक लावारिस बाइक को लेकर गार्डों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। योगेंद्र ने दो बार स्पष्ट किया कि बाइक उनकी नहीं है। इसके बावजूद गार्डों ने अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि रात करीब 9:30 बजे दो गार्ड हाथ में क्लैंप लेकर पहुंचे और उन्हें धमकाने लगे। इस दौरान एक गार्ड के नशे में होने का भी आरोप लगाया गया है, जिसने बाइक को जबरन योगेंद्र की बताकर हटाने को कहा। विरोध करने पर चार-पांच गार्डों ने मिलकर उनकी पिटाई कर दी और घटना का वीडियो बनाने लगे।
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने खुद वीडियो बनाने की कोशिश की तो गार्डों ने उनका मोबाइल छीनकर फेंक दिया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद 20-25 गार्ड मौके पर पहुंच गए। किसी तरह वह वहां से निकलकर एम्स गेट नंबर दो पहुंचे और दूसरे मोबाइल से डायल 112 पर सूचना दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक आरोपी गार्ड वहां से हट चुके थे।
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एम्स थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर मिल गई है और जांच एम्स चौकी प्रभारी को सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, पिपराइच थाना क्षेत्र निवासी योगेंद्र निषाद 13 अप्रैल की रात अपने परिजन के इलाज के लिए एम्स की इमरजेंसी में मौजूद थे और एमआरआई के लिए नंबर का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान इमरजेंसी के बाहर खड़ी एक लावारिस बाइक को लेकर गार्डों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। योगेंद्र ने दो बार स्पष्ट किया कि बाइक उनकी नहीं है। इसके बावजूद गार्डों ने अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि रात करीब 9:30 बजे दो गार्ड हाथ में क्लैंप लेकर पहुंचे और उन्हें धमकाने लगे। इस दौरान एक गार्ड के नशे में होने का भी आरोप लगाया गया है, जिसने बाइक को जबरन योगेंद्र की बताकर हटाने को कहा। विरोध करने पर चार-पांच गार्डों ने मिलकर उनकी पिटाई कर दी और घटना का वीडियो बनाने लगे।
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पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने खुद वीडियो बनाने की कोशिश की तो गार्डों ने उनका मोबाइल छीनकर फेंक दिया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद 20-25 गार्ड मौके पर पहुंच गए। किसी तरह वह वहां से निकलकर एम्स गेट नंबर दो पहुंचे और दूसरे मोबाइल से डायल 112 पर सूचना दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक आरोपी गार्ड वहां से हट चुके थे।
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एम्स थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर मिल गई है और जांच एम्स चौकी प्रभारी को सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।