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Gorakhpur News: पूर्व नियंता को मिला नोटिस, प्रो. कमलेश ने भी कुलपति पर लगाए आरोप
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- गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्व नियंता के इस्तीफे के बाद गरमता जा रहा है माहौल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. राजेश सिंह और पूर्व नियंता के बीच खींचतान बढ़ती ही जा रही है। कुलपति पर गंभीर आरोप लगाकर नियंता पद से इस्तीफा देने वाले प्रो. गोपाल प्रसाद को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को कारण बताओ नोटिस दे दिया गया है। नोटिस में तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
वहीं, कुलपति के खिलाफ पहले से ही मोर्चा खोलने वाले हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त ने फेसबुक पर पोस्ट करके मामले को और तूल दे दिया है। पूर्व नियंता को मिले नोटिस में इस्तीफे को मीडिया में जारी करने और कुलपति के खिलाफ गलत बयानबाजी का आरोप है। उधर, कुलपति और नियंता प्रकरण को लेकर पूरे दिन विश्वविद्यालय परिसर में चर्चाएं तेज रहीं। पूर्व नियंता से मिलने वाले भी काफी संख्या में लोग पहुंचे और साथ रहने का भरोसा दिया। परिसर में कार्रवाई के डर से कोई शिक्षक सामने तो नहीं आया, लेकिन अंदररखाने की खबर है कि कई शिक्षक इस मामले को लेकर लामबंद होने लगे हैं। राजनीति संकाय में नियंता से मिलने बहुत सारे शिक्षक भी पहुंचे और कुछ सामाजिक संगठनों के लोगों ने नाराजगी जताई है।
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कोट
कुलपति प्रो. राजेश सिंह द्वारा मेरे साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया। जब मैंने विरोध जताकर अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया तो विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नोटिस भेजा गया है। शुक्रवार को नोटिस का जवाब बिंदुवार दूंगा।
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- प्रो. गोपाल प्रसाद, पूर्व नियंता, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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विवि में असहमति के लिए अब जगह नहीं
गोरखपुर। विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त ने फेसबुक पर पोस्ट साझा कर कहा है कि अब विश्वविद्यालय में असहमति के लिए जगह नहीं रह गई है। कब, किसको अमर्यादित भाषा या आचरण का शिकार होना पड़ेगा, यह कोई नहीं जानता। विवि में इस समय पुरातन छात्र सम्मेलन मूल मुद्दों से भटकाने की योजनाबद्ध कोशिश है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. राजेश सिंह और पूर्व नियंता के बीच खींचतान बढ़ती ही जा रही है। कुलपति पर गंभीर आरोप लगाकर नियंता पद से इस्तीफा देने वाले प्रो. गोपाल प्रसाद को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को कारण बताओ नोटिस दे दिया गया है। नोटिस में तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
वहीं, कुलपति के खिलाफ पहले से ही मोर्चा खोलने वाले हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त ने फेसबुक पर पोस्ट करके मामले को और तूल दे दिया है। पूर्व नियंता को मिले नोटिस में इस्तीफे को मीडिया में जारी करने और कुलपति के खिलाफ गलत बयानबाजी का आरोप है। उधर, कुलपति और नियंता प्रकरण को लेकर पूरे दिन विश्वविद्यालय परिसर में चर्चाएं तेज रहीं। पूर्व नियंता से मिलने वाले भी काफी संख्या में लोग पहुंचे और साथ रहने का भरोसा दिया। परिसर में कार्रवाई के डर से कोई शिक्षक सामने तो नहीं आया, लेकिन अंदररखाने की खबर है कि कई शिक्षक इस मामले को लेकर लामबंद होने लगे हैं। राजनीति संकाय में नियंता से मिलने बहुत सारे शिक्षक भी पहुंचे और कुछ सामाजिक संगठनों के लोगों ने नाराजगी जताई है।
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कोट
कुलपति प्रो. राजेश सिंह द्वारा मेरे साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया। जब मैंने विरोध जताकर अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया तो विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नोटिस भेजा गया है। शुक्रवार को नोटिस का जवाब बिंदुवार दूंगा।
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- प्रो. गोपाल प्रसाद, पूर्व नियंता, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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विवि में असहमति के लिए अब जगह नहीं
गोरखपुर। विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त ने फेसबुक पर पोस्ट साझा कर कहा है कि अब विश्वविद्यालय में असहमति के लिए जगह नहीं रह गई है। कब, किसको अमर्यादित भाषा या आचरण का शिकार होना पड़ेगा, यह कोई नहीं जानता। विवि में इस समय पुरातन छात्र सम्मेलन मूल मुद्दों से भटकाने की योजनाबद्ध कोशिश है।