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खोराबार पीएचसी फर्जी डिग्री प्रकरण: मेडिकल की 10 डिग्रियों का सत्यापन, 9 फर्जी- 1 असली- मिली थी 21 डिग्रियां

Sun, 30 Mar 2025 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 30 Mar 2025 12:58 AM IST
सार

फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव को फर्जी डिग्री मामले में राजस्थान एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। इसके बाद एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस विश्वविद्यालय की चार फर्जी डिग्रियां गोरखपुर में भी मिली हैं। इसका विवरण राजस्थान एसटीएफ को भेजा गया है। अब खोराबार पुलिस भी कुलाधिपति से पूछताछ की तैयारी कर रही है।

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In Gorakhpur, Verification of ten medical degrees, nine fake and only one real
फर्जी डिग्री ( सांकेतिक) - फोटो : freepik

विस्तार

गोरखपुर के खोराबार पीएचसी के संविदा डॉक्टर के पास से मिलीं मेडिकल की 21 डिग्रियों में से 10 की जांच पूरी हो गई है। इसमें नौ डिग्रियां फर्जी मिली हैं। उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल लखनऊ की एक डिग्री असली मिली है। पुलिस ने असली डिग्रीधारक का नाम-पता संबंधित कॉलेज से लिया है। अब पूछताछ के लिए उसकी तलाश चल रही है।
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खोराबार पुलिस के मुताबिक, आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उप्र जनपद लखनऊ की दो, जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद जनपद फिरोजाबाद की चार और आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद की तीन डिग्रियां सत्यापन में फर्जी मिली हैं।
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यहां सत्यापन कराने के बाद पुलिस टीम राजस्थान रवाना हो गई है। राजस्थान के चुरू के ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की दो डिग्रियों का सत्यापन होना है। इसके बाद पुलिस टीम कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मेरठ की यूनिवर्सिटी की नौ डिग्रियों का सत्यापन कराएगी।
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डॉक्टर लेता था ठेका, नोएडा का सरगना भेजता था डिग्री
पुलिस के मुताबिक, खोराबार पीएचसी का संविदा डॉक्टर राजेश कुमार मेडिकल की डिग्री बनवाने का ठेका लेता था। वह बेरोजगार युवक, युवतियों को बताता था कि देश की कई यूनिवर्सिटी में उसका परिचय है। बिना परीक्षा के ही मेडिकल की डिग्री बनवा देगा।

जाल में फंसने पर दो लाख से लगायत सात लाख रुपये तक लोगों से वसूलता था। इसके बाद नोएडा के एक सरगना को ऑनलाइन पैसे भेजकर डिग्रियां बनवाता था। आरोप है कि एक पीड़ित से डीफाॅर्मा की डिग्री बनवाने के लिए उसने 1.80 लाख रुपये लिए थे।

इसके बाद उसे फर्जी डिग्री थमा दिया था। जांच में फर्जी मिलने पर पीड़ित ने खोराबार थाने में शिकायत की। पुलिस ने जांच की, तब पीएचसी के डॉ. राजेश की पोल खुली। फिर डॉ. राजेश और उसके दोस्त संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली थाना के पठान टोला निवासी सुशील कुमार चौधरी को 24 फरवरी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भिजवाया। अब नोएडा में रहने वाले सरगना की तलाश पुलिस कर रही है।

राजस्थान एसटीएफ भी कर रही जांच
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव को फर्जी डिग्री मामले में राजस्थान एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। इसके बाद एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस विश्वविद्यालय की चार फर्जी डिग्रियां गोरखपुर में भी मिली हैं। इसका विवरण राजस्थान एसटीएफ को भेजा गया है। अब खोराबार पुलिस भी कुलाधिपति से पूछताछ की तैयारी कर रही है।

इन संस्थानों के नाम पर मिलीं डिग्रियां
राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस कर्नाटक यूनिवर्सिटी
आयुर्वेदिक तथा युनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड

ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चुरू, राजस्थान
उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल

आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी
जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद

आयुष एंड हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़
आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद

चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ

डॉक्टर के पास से मिलीं डिग्रियों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसमें अब तक नौ फर्जी और एक डिग्री असली मिली है। डिग्री बनाने वाले आरोपी की तलाश में भी टीमें लगी हैं। बहुत जल्द उसकी भी गिरफ्तारी हो जाएगी: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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