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Gorakhpur News: मरीज माफिया व उसके गुर्गों ने जेल में किया बवाल, सात बंदी भेजे गए दूसरी जेल
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गोरखपुर। रंगदारी के लिए तारामंडल स्थित एक हॉस्पिटल में तोड़फोड़ व कर्मचारियों से मारपीट करने वाले मरीज माफिया जेल में भी बवाल काट रहे हैं। बृहस्पतिवार को दिन में वर्चस्व की जंग में गैंगस्टर एक्ट में बंद सूरज सिंह, विकास मणि और विकास सिंह ने जेल में अन्य बदियों के साथ बवाल कर दिया। हालांकि माहौल ज्यादा बिगड़ने से पहले जेल प्रशासन ने मामला शांत करा दिया। इसके बाद बवाल में शामिल सात बंदियों को दूसरी जेलों में रवाना कर दिया।
जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि जेल में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात बंदियों का दूसरी जेल भेजा गया है। इसमें विकास मणि त्रिपाठी और गोविंद यादव को संतकबीरनगर, सूरज सिंह को देवरिया, विशाल सिंह व सिद्धार्थ सिंह को महराजगंज, दीपक सिंह को मऊ, शिव निषाद को आजमगढ़ जेल भेजा गया है। विकास मणि, सूरज सिंह और विशाल सिंह गैंगस्टर एक्ट में बंद हैं।
चार अक्तूबर को जेल गए आरोपी
रामगढ़ताल थाने में 20 सितंबर को बेलघाट के सोपाईघाट के रहने वाले मरीज माफिया गिरोह के सरगना सूरज सिंह, उसके साथी सिकरीगंज के गाईबेला के रहने वाले राहुल शर्मा, हरिहरपुर के विशाल सिंह, खजनी के कटघर गांव के विनय यादव, कजाकपुर के दीपू उपाध्याय और कोतवाली के मेवातीपुर के रहने वाले विकास मणि पर गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद चार अक्तूबर को आरोपी जेल गए।
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फायरिंग कर फैलाई थी सनसनी
मरीज माफिया गिरोह के बदमाशों ने दो वर्ष पहले डीआइजी बंगले के पास फायरिंग कर सनसनी फैलाई थी। 11 मई 2023 को तारामंडल के शानवी हास्पिटल में बदमाशों ने रंगदारी न मिलने पर तोड़फोड़ व हंगामा किया था।
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जेल में कुछ बंदियों के बीच गुटबाजी को लेकर कहासुनी हुई। तत्काल बंदी रक्षकों ने पहुंचकर उन्हें अलग किया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात बंदियों को दूसरी जेलों में भेजा गया है।
दिलीप कुमार पांडेय, जेल अधीक्षक
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वर्ष 2019 में जेल में हुआ था बड़ा बवाल
वर्ष 2019 में गोरखपुर की जेल में बंदियों के बीच बड़ा बवाल हुआ था। बंदियो ने डिप्टी जेलर व पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया था। जेल परिसर में खड़ी गाड़ी में आग लगा दी गई थी। इस मामले में तब 271 बंदियों के खिलाफ जेल प्रशासन ने शाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जेल प्रशासन ने बड़ी मुश्किल से हालात को संभाला था। मामले की जांच में यह बात सामने आई कि कोईल यादव उर्फ दयाशंकर के उकसाने पर बंदियों ने एकजुट होकर डिप्टी जेलर एवं बंदी रक्षकों पर हमला किया था। इसके बाद प्रशासन ने कोईल यादव को बुलंदशहर जेल स्थानांतरित कर दिया था।
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जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि जेल में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात बंदियों का दूसरी जेल भेजा गया है। इसमें विकास मणि त्रिपाठी और गोविंद यादव को संतकबीरनगर, सूरज सिंह को देवरिया, विशाल सिंह व सिद्धार्थ सिंह को महराजगंज, दीपक सिंह को मऊ, शिव निषाद को आजमगढ़ जेल भेजा गया है। विकास मणि, सूरज सिंह और विशाल सिंह गैंगस्टर एक्ट में बंद हैं।
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चार अक्तूबर को जेल गए आरोपी
रामगढ़ताल थाने में 20 सितंबर को बेलघाट के सोपाईघाट के रहने वाले मरीज माफिया गिरोह के सरगना सूरज सिंह, उसके साथी सिकरीगंज के गाईबेला के रहने वाले राहुल शर्मा, हरिहरपुर के विशाल सिंह, खजनी के कटघर गांव के विनय यादव, कजाकपुर के दीपू उपाध्याय और कोतवाली के मेवातीपुर के रहने वाले विकास मणि पर गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद चार अक्तूबर को आरोपी जेल गए।
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फायरिंग कर फैलाई थी सनसनी
मरीज माफिया गिरोह के बदमाशों ने दो वर्ष पहले डीआइजी बंगले के पास फायरिंग कर सनसनी फैलाई थी। 11 मई 2023 को तारामंडल के शानवी हास्पिटल में बदमाशों ने रंगदारी न मिलने पर तोड़फोड़ व हंगामा किया था।
जेल में कुछ बंदियों के बीच गुटबाजी को लेकर कहासुनी हुई। तत्काल बंदी रक्षकों ने पहुंचकर उन्हें अलग किया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात बंदियों को दूसरी जेलों में भेजा गया है।
दिलीप कुमार पांडेय, जेल अधीक्षक
वर्ष 2019 में जेल में हुआ था बड़ा बवाल
वर्ष 2019 में गोरखपुर की जेल में बंदियों के बीच बड़ा बवाल हुआ था। बंदियो ने डिप्टी जेलर व पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया था। जेल परिसर में खड़ी गाड़ी में आग लगा दी गई थी। इस मामले में तब 271 बंदियों के खिलाफ जेल प्रशासन ने शाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जेल प्रशासन ने बड़ी मुश्किल से हालात को संभाला था। मामले की जांच में यह बात सामने आई कि कोईल यादव उर्फ दयाशंकर के उकसाने पर बंदियों ने एकजुट होकर डिप्टी जेलर एवं बंदी रक्षकों पर हमला किया था। इसके बाद प्रशासन ने कोईल यादव को बुलंदशहर जेल स्थानांतरित कर दिया था।