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Gorakhpur News: एंबुलेंस में नहीं थे जीवन रक्षक यंत्र, अस्पताल की होगी जांच
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में बुधवार रात पुलिस ने सात निजी एंबुलेंसों को पकड़ा था। जांच में पता चला कि इनमें से किसी के पास भी फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं था, जबकि अधिकांश में आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण भी मौजूद नहीं थे। आरटीओ टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी एंबुलेंस को तुरंत सीज कर दिया था। अब इनसे जुड़े अस्पतालों की जांच के लिए पुलिस ने सीएमओ को पत्र लिखा है।
जानकारी के अनुसार, कुछ प्राइवेट एंबुलेंस लंबे समय से मेडिकल कॉलेज से मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने का काम कर रही थीं। शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी अस्पताल बिना अनुमति और बिना फिटनेस वाली एंबुलेंसों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी के बाद पुलिस ने बुधवार रात अभियान चलाया। जांच के दौरान एंबुलेंसों में न ऑक्सीजन सिलिंडर मिला और न ही स्ट्रेचर या फर्स्ट एड जैसी बुनियादी सुविधाएं। कई गाड़ियों के टायर घिसे हुए थे और इंजन की हालत खराब पाई गई।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के आसपास सक्रिय निजी एंबुलेंसों की सघन जांच जारी है। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस या जरूरी उपकरणों के पाई जाने वाली किसी भी एंबुलेंस को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र भेजते हुए संबंधित अस्पतालों की जांच कराने की सिफारिश की है।
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जानकारी के अनुसार, कुछ प्राइवेट एंबुलेंस लंबे समय से मेडिकल कॉलेज से मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने का काम कर रही थीं। शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी अस्पताल बिना अनुमति और बिना फिटनेस वाली एंबुलेंसों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी के बाद पुलिस ने बुधवार रात अभियान चलाया। जांच के दौरान एंबुलेंसों में न ऑक्सीजन सिलिंडर मिला और न ही स्ट्रेचर या फर्स्ट एड जैसी बुनियादी सुविधाएं। कई गाड़ियों के टायर घिसे हुए थे और इंजन की हालत खराब पाई गई।
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एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के आसपास सक्रिय निजी एंबुलेंसों की सघन जांच जारी है। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस या जरूरी उपकरणों के पाई जाने वाली किसी भी एंबुलेंस को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र भेजते हुए संबंधित अस्पतालों की जांच कराने की सिफारिश की है।
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