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Gorakhpur News: इजराइल भेजने के नाम ठगी का आरोपी गिरफ्तार, एजेंट की तलाश
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कैंट थाना क्षेत्र में विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाला आरोपी विवेक गुप्ता
कुनराघाट में एशिया टेक ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर खोलकर करता था ठगी
ठगी के शिकार पीड़ितों ने कैंट थाने में दर्ज कराया था केस
गोरखपुर। कैंट थाना पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़ा के आरोपी देवरिया सदर निवासी विवेक गुप्ता को शुक्रवार को क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी कुनराघाट में एशिया टेक ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर के नाम से कार्यालय खोलकर बेरोजगारों को जाल में फंसाता था। आरोपी अपने साथी के साथ मिलकर फर्जी वीजा के सहारे कुशीनगर के सगे भाई समेत चार लोगों को इजराइल भेजने की कोशिश की थी। पुलिस अब उसके भागे साथी डॉ. राजेंद्र प्रसाद की तलाश में दबिश दे रही है।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि कुशीनगर के कप्तानगंज पचार निवासी प्रमोद सिंह उनके भाई गंगा सिंह व संजय यादव व बसंत साहनी ने कैंट थाने में केस दर्ज कराया था। बताया कि मार्च माह में उनकी मुलाकात सीसी रोड देवरिया निवासी डॉ. राजेंद्र कुमार से हुई थी। आरोपी डॉ. राजेंद्र ने खुद को कुनराघाट के रेलवे लाइन सिंघड़िया स्थित एशिया टेक ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर का एजेंट बताया था। उसका दावा था कि उनकी कंपनी लोगों को अच्छे पैकेज पर विदेश भेजती है। जब उन लोगों ने विदेश जाने की इच्छा जाहिर की तो आरोपी ने प्रति व्यक्ति तीन लाख रुपये में इजराइल भेजने की बात कही। आरोप है कि हामी भरने पर आरोपी ने चारों को 22 मार्च को कार्यालय बुलाया। जहां मुलाकात कंपनी के एमडी विवेक गुप्ता से कराई। झांसे में आए चारों ने उन्हें रुपये दे दिए। आरोप है कि जालसाजों ने झांसे में लेने के लिए उन्हें 7 जुलाई को उड़ान भरने की बात कही। इसके एवज में टिकट और वीजा भी दे दिए। जो जांच में फर्जी निकला। जानकारी के बाद जब उन्होंने अपने रुपये की मांग की तो उन्होेंने टाल मटोल शुरू कर दी। इसके बाद पीड़ितों ने कैंट थाने में केस दर्ज कराई। एसपी ने बताया कि शुक्रवार देर रात सर्विलांस की मदद से विवेक गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके भागे साथी की तलाश में दबिश दे रही है।
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सेंटर से भारी मात्रा में ठगी के दस्तावेज बरामद
पुलिस जब सेंटर पहुंचकर छानबीन की तो वहां से लैपटॉप, कंप्यूटर, प्रिंटर, वाईफाई कनेक्टर, नौ रसीद बुक अलग-अलग मेडिकल सेंटर के, चार फर्जी वीजा, 163 विजटिंग कार्ड, 11 पंफलेट, 76 इंटरव्यू एसेसमेंट फाॅर्म, 14 ऑफर लेटर, 14 ट्रेड टेस्ट फॉर्म, 2 घोषणा पत्र, 21 रुपये लेन-देन के स्क्रीन शाॅट, चार मेडिकल रिपोर्ट व डिमांड लेटर, 8 बायोडाटा भरा हुआ व एक स्कैनर बरामद हुआ है। पुलिस ने सेंटर से बरामद दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर रख लिया था। जिसे कोर्ट में पेश करेगी।
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जालसाजों के चंगुल में फंसे 31 अन्य लोगों की तलाश कर रही पुलिस
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि जब वह सेंटर गए थे तो वहां पहले से 31 लोग मौजूद थे। जो इजराइल जाने वाले थे। 7 जुलाई को उनका भी टिकट था। जालसाजों ने उनसे प्रति व्यक्ति 2.70 लाख रुपये लिए थे। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों को खंगालने के साथ ही अन्य पीड़ितों की तलाश कर रही है। एसपी सिटी का कहना है कि तलाश के बाद उनकी तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
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ठगी के शिकार पीड़ितों ने कैंट थाने में दर्ज कराया था केस
गोरखपुर। कैंट थाना पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़ा के आरोपी देवरिया सदर निवासी विवेक गुप्ता को शुक्रवार को क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी कुनराघाट में एशिया टेक ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर के नाम से कार्यालय खोलकर बेरोजगारों को जाल में फंसाता था। आरोपी अपने साथी के साथ मिलकर फर्जी वीजा के सहारे कुशीनगर के सगे भाई समेत चार लोगों को इजराइल भेजने की कोशिश की थी। पुलिस अब उसके भागे साथी डॉ. राजेंद्र प्रसाद की तलाश में दबिश दे रही है।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि कुशीनगर के कप्तानगंज पचार निवासी प्रमोद सिंह उनके भाई गंगा सिंह व संजय यादव व बसंत साहनी ने कैंट थाने में केस दर्ज कराया था। बताया कि मार्च माह में उनकी मुलाकात सीसी रोड देवरिया निवासी डॉ. राजेंद्र कुमार से हुई थी। आरोपी डॉ. राजेंद्र ने खुद को कुनराघाट के रेलवे लाइन सिंघड़िया स्थित एशिया टेक ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर का एजेंट बताया था। उसका दावा था कि उनकी कंपनी लोगों को अच्छे पैकेज पर विदेश भेजती है। जब उन लोगों ने विदेश जाने की इच्छा जाहिर की तो आरोपी ने प्रति व्यक्ति तीन लाख रुपये में इजराइल भेजने की बात कही। आरोप है कि हामी भरने पर आरोपी ने चारों को 22 मार्च को कार्यालय बुलाया। जहां मुलाकात कंपनी के एमडी विवेक गुप्ता से कराई। झांसे में आए चारों ने उन्हें रुपये दे दिए। आरोप है कि जालसाजों ने झांसे में लेने के लिए उन्हें 7 जुलाई को उड़ान भरने की बात कही। इसके एवज में टिकट और वीजा भी दे दिए। जो जांच में फर्जी निकला। जानकारी के बाद जब उन्होंने अपने रुपये की मांग की तो उन्होेंने टाल मटोल शुरू कर दी। इसके बाद पीड़ितों ने कैंट थाने में केस दर्ज कराई। एसपी ने बताया कि शुक्रवार देर रात सर्विलांस की मदद से विवेक गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके भागे साथी की तलाश में दबिश दे रही है।
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सेंटर से भारी मात्रा में ठगी के दस्तावेज बरामद
पुलिस जब सेंटर पहुंचकर छानबीन की तो वहां से लैपटॉप, कंप्यूटर, प्रिंटर, वाईफाई कनेक्टर, नौ रसीद बुक अलग-अलग मेडिकल सेंटर के, चार फर्जी वीजा, 163 विजटिंग कार्ड, 11 पंफलेट, 76 इंटरव्यू एसेसमेंट फाॅर्म, 14 ऑफर लेटर, 14 ट्रेड टेस्ट फॉर्म, 2 घोषणा पत्र, 21 रुपये लेन-देन के स्क्रीन शाॅट, चार मेडिकल रिपोर्ट व डिमांड लेटर, 8 बायोडाटा भरा हुआ व एक स्कैनर बरामद हुआ है। पुलिस ने सेंटर से बरामद दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर रख लिया था। जिसे कोर्ट में पेश करेगी।
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जालसाजों के चंगुल में फंसे 31 अन्य लोगों की तलाश कर रही पुलिस
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि जब वह सेंटर गए थे तो वहां पहले से 31 लोग मौजूद थे। जो इजराइल जाने वाले थे। 7 जुलाई को उनका भी टिकट था। जालसाजों ने उनसे प्रति व्यक्ति 2.70 लाख रुपये लिए थे। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों को खंगालने के साथ ही अन्य पीड़ितों की तलाश कर रही है। एसपी सिटी का कहना है कि तलाश के बाद उनकी तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।