Gorakhpur: गौरवशाली इतिहास से भी रू-ब-रू करा रहा 'गोरखपुर महोत्सव', प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में गोरखपुर जिले में वर्ष 1857-58 की क्रांति के बाद ब्रिटिश सत्ता की पुनर्स्थापना के समय आयुक्त द्वारा भारत सरकार के सचिव विलियम म्योर को 5 जुलाई 1858 को लिखा पत्र प्रदर्शित किया गया है, जिसमें उसने स्वयं को जिले का शासक घोषित किया है।
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गोरखपुर महोत्सव मनोरंजन के साथ लोगों को गोरखपुर के गौरवशाली इतिहास से भी रू-ब-रू करा रहा है। पहली बार गोरखपुर महोत्सव में राजकीय अभिलेखागार व संस्कृति विभाग ने दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी लगाई है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी है।
प्रदर्शनी में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजादी की लड़ाई में गोरखपुर के योगदान को दुर्लभ अभिलेखों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। अंग्रेजी हुकूमत द्वारा 1857 में क्रांति करने वाले शहीद बंधू सिंह पर लगे तीन हजार के इनाम के दस्तावेज के अलावा क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल, सचिन्द्रनाथ सान्याल, रामचंद्र विद्यार्थी के गोरखपुर से जुड़े चित्र व अभिलेख प्रदर्शनी में लगाए गए हैं, जो लोगों गोरखपुर के गौरवशाली अतीत की जानकारी दे रहे हैं।
राम प्रसाद बिस्मिल की उत्तर पुस्तिका कर रही आकर्षित
प्रदर्शनी में शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की उत्तर पुस्तिका युवा हों चाहे बुजुर्ग सबको आकर्षित कर रही है। शाहजहांपुर जिले के विद्यालय में वर्ष 1916 में उनके द्वारा दिए गए हाईस्कूल की परीक्षा की उत्तर पुस्तिका को संरक्षित कर प्रदर्शित किया गया है। उत्तर पुस्तिका में उनकी अंग्रेजी विषय की राइटिंग व उनके द्वारा भारत के नक्शे का सुंदर चित्रण देख उनके अंदर देशप्रेम के भाव को समझा जा सकता है।
1858 में आयुक्त गोरखपुर का लिखा पत्र
प्रदर्शनी में गोरखपुर जिले में वर्ष 1857-58 की क्रांति के बाद ब्रिटिश सत्ता की पुनर्स्थापना के समय आयुक्त द्वारा भारत सरकार के सचिव विलियम म्योर को 5 जुलाई 1858 को लिखा पत्र प्रदर्शित किया गया है, जिसमें उसने स्वयं को जिले का शासक घोषित किया है।
1858 के क्रांतिकारियों की सूची
प्रदर्शनी में 7 जुलाई 1858 के गोरखपुर के क्रांतिकारियों की सूची को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें कमिश्नर गोरखपुर द्वारा क्रांतिकारियों पर दफा 5 व 6 के अंतर्गत इनाम घोषित किया गया है।
चौरीचौरा केस के आजीवन कारावास की सजा का अभिलेख
प्रदर्शनी में चौरीचौरा केस में आजीवन कारावास की सजा पाए हुए क्रांतिकारियों के दुर्लभ अभिलेख रखा गया है, जिसमें नौ लोगों के नाम अंकित हैं। इसके साथ ही चौरीचौरा की घटना के क्रांतिकारियों की कोर्ट में पेशी के समय भीड़ की भी फोटो लगायी गयी है।
क्रांतिकारियों का मूल हस्ताक्षर
प्रदर्शनी में देश की आजादी की लड़ाई में गोरखपुर से संबंध रखने वाले क्रांतिकारियों के मूल हस्ताक्षर का प्रदर्शन किया गया है।
स्वदेश समाचार पत्र का दुर्लभ प्रकाशन
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गोरखपुर से प्रकाशित स्वदेश समाचार पत्र भी रखा गया है।
चौरीचौरा केस के आरोपितों के नाम का प्रदर्शन
जिला सत्र न्यायाधीश गोरखपुर का चौरीचौरा केस पर दिया गया निर्णय से जुड़े अभिलेख का प्रदर्शन किया गया है। जिसमें आरोपित किए गए 225 लोगों के नाम शामिल हैं।
प्रदर्शनी में असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी द्वारा 8 फरवरी 1921 को गोरखपुर में दिए गए भाषण की कॉपी का प्रदर्शन किया गया है।
भवनों के इतिहास का उल्लेख
प्रदर्शनी में गोरखपुर जिले के पुरातन एवं ऐतिहासिक भवनों का चित्र के साथ इतिहास बताया गया है। इसमें बसंतपुर सराय, मोती जेल, जैन मंदिर, रीड का धर्मशाला, गोरखनाथ मंदिर, गीता वाटिका, आरोग्य मंदिर, इमामबाड़ा आदि शामिल हैं।