अलर्ट: दवाओं की उपलब्धता पर विभाग का जोर, नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए शुरू की तैयारी
ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए दवाओं की उपलब्धता की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। शासन के निर्देश के बाद इन दवाओं की उपलब्धता बाजार में सुनिश्चित कराई जाएगी।
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कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए औषधि विभाग दवाओं और मेडिकल डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित करने में लगा है। दूसरी लहर में चूक से सबक लेते हुए विभाग ने अभी से दवाओं की पड़ताल शुरू कर दी है। व्यापारियों को निर्देश दिया गया है कि जो दवाएं या मेडिकल डिवाइस नहीं हैं, उन्हें मंगाया जाए।
कोरोना की दूसरी लहर गोरखपुर में अप्रैल माह में शुरू हुई थी। अप्रैल, मई, जून में रेमडेसिविर, टोसिलीजुमैब, आइवरमेक्टिन जैसी दवाओं के लिए मारीमारी थी। पल्स ऑक्सीमीटर, नेबुलाइजर, थर्मामीटर तक नहीं मिल रहे थे। मास्क व सैनिटाइजर ब्लैक में बिक रहे थे।
ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए दवाओं की उपलब्धता की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। शासन के निर्देश के बाद इन दवाओं की उपलब्धता बाजार में सुनिश्चित कराई जाएगी। मेडिकल डिवाइस के बारे भी व्यापारियों को जानकारी दी जा रही है। जिससे की इनकी कमी न होने पाए।
विदेश से आए आठ लोगों की जांच, रिपोर्ट निगेटिव
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सर्तक हो गया है। बुधवार को विदेश से आए आठ लोगों की एयरपोर्ट पर जांच की गई। सभी बिहार के रहने वाले हैं। एंटीजन जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उधर, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीएमओ को निर्देश दिया कि विदेश से आने वाले लोगों की जांच जरूर कराएं। निगरानी सूची में डाले गए 12 देशों से आने वाले लोगों की जांच आरटीपीसीआर से कराएं।
कोविड जांच के नोडल अधिकारी डॉ एके सिंह ने बताया कि इन 12 देशों से आने वालों को विशेष निगरानी में रख जाएगा। बताया कि जिले में कोविड जांच का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। मौजूदा समय में प्रतिदिन दो हजार जांचें हो रही थीं। इसे बढ़ाकर पांच हजार करने का लक्ष्य है।