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खुशखबर: गेहूं खरीद में गोरखपुर को मिला प्रदेश में चौथे स्थान, पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत ही हो पाई खरीद

Fri, 06 May 2022 04:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 06 May 2022 04:10 PM IST
सार

डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने कहा कि किसान अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर ले जाएं। यदि एक ट्रक गेहूं कहीं मिलेगा तो वहां पर गाड़ी व पल्लेदार भेजकर गेहूं खरीदा जाएगा।

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Gorakhpur got fourth place in state in wheat procurement
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गेहूं खरीद में गोरखपुर प्रदेश में चौथे स्थान पर है जबकि दैनिक खरीद में प्रथम स्थान पर है। फिर भी पिछले साल की तुलना में अब तक खरीद 40 प्रतिशत ही हो पाई है।
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जनपद में गेहूं की खरीद के लिए 147 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकार की तरफ से एक अप्रैल से खरीद प्रारंभ कर दी गई। व्यापारी सरकारी मूल्य के समकक्ष जब गेहूं का मूल्य देने लगे तो किसान किसी झंझट से बचने के लिए क्रय केंद्र की अपेक्षा व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे। इससे खरीद प्रभावित होने लगी।
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व्यापारियों और क्रय केंद्र के बढ़ते प्रतिस्पर्धा को देखते हुए आरएमओ सचिन कुमार एवं डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने क्रय केंद्र प्रभारियों को गांव में भेजना शुरू किया। किसानों से कहा जाने लगा कि वे गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर बेचें। यदि एक ट्रक गेहूं गांव में मिल जाएगा तो वहां ट्रक लगाकर गेहूं उठा लिया जाएगा। इसमें किसान को एक रुपये नहीं देना पड़ेगा।
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आरएमओ की अपील का असर होने लगा। यही कारण है कि व्यापारियों और सरकारी रेट बराबर होने के बाद भी प्रतिदिन आठ हजार क्विंटल गेहूं की खरीद सरकारी क्रय केंद्र पर हो रही है। गोरखपुर प्रदेश में चौथे स्थान पर है। कहा, उम्मीद है कि खरीद की रफ्तार बढ़ेगी।


डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने कहा कि किसान अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर ले जाएं। यदि एक ट्रक गेहूं कहीं मिलेगा तो वहां पर गाड़ी व पल्लेदार भेजकर गेहूं खरीदा जाएगा। किसान को एक रुपये नहीं देना पड़ेगा। क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने पर किसान का पैसा 72 घंटे में उसके खाते में पहुंच जाएगा। व्यापारियों की कोई गारंटी नहीं कब पैसा मिलेगा।

 
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