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खुशखबर: गोरखपुर खाद कारखाने से खुलेगी अनुपूरक उद्योगों की राह, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

Mon, 06 Dec 2021 12:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 06 Dec 2021 12:22 PM IST
सार

गोरखपुर में एचडीपी खाद की बोरी तैयार करने वाली चार कंपनियां हैं। वहीं खाद कारखाने में यूरिया का उत्पादन किया जाना है। ऐसे में हर महीने प्लास्टिक की बोरियों की आवश्यकता पड़ेगी।

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Gorakhpur fertilizer factory will open way for supplementary industries
गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर खाद कारखाने के चलने से न सिर्फ हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि कारखाने की जरूरतों को पूरी करने वाली फैक्ट्रियों की भी राह खुलेगी। अगर इससे जुड़ी फैक्ट्रियों को अनुपूरक (एनसिलयरी) उद्योगों का दर्जा मिल जाएगा तो यहां के उद्योगों के विकास के पंख लग जाएंगे।
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खाद कारखाने में रोजाना 85,555 बोरी नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन किया जाना है। ऐसे में हरेक महीने करीब 30 लाख हाई डेंसिटी पॉलिथीन (एचडीपी) यानी उत्कृष्ट श्रेणियों वाली प्लास्टिक की बोरियों की आवश्यकता पड़ेगी। गोरखपुर में ऐसी बोरियां तैयार करने वाली चार फैक्ट्रियां हैं, जिनमें प्रियंवदा इंडस्ट्री, एवीआर पेट्रो, माडर्न लेमिनेटर्स और श्रीकृष्णा पॉलीफैब प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। चारों फैक्ट्रियों द्वारा तकरीबन इतनी संख्या में प्लास्टिक की बोरियां तैयार की जाती हैं। अब तक खाद कारखाना की ओर से इन फैक्ट्रियों को अनुपूरक फैक्ट्री नहीं घोषित किया गया है।
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अनुपूरक उद्योग घोषित होने से होगा फायदा
अगर खाद कारखाने द्वारा इन उद्योगों को अनुपूरक उद्योग घोषित कर दिया जाता है तो गोरखपुर के उद्योगों को बहुत फायदा होगा। प्रावधान के अनुसार अनुपूरक उद्योगों से ही संबंधित फैक्ट्री को जरूरत की चीजें खरीदनी होती हैं। गोरखपुर खाद कारखाने के लिए अनुपूरक उद्योग के रूप में केवल एचडीपी संबंधी चार उद्योग हैं, जिनमें प्लास्टिक बैग तैयार होते हैं।
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श्रीकृष्णा पॉलीफैब के एमडी भोला जायसवाल ने बताया कि अगर गोरखपुर के एचडीपी बैग्स के उद्योगों को खाद कारखाने की ओर से अनुपूरक उद्योग का दर्जा मिल जाता है तो इन उद्योगों को बहुत फायदा होगा। यहीं पर सारे उत्पादों की खपत हो जाएगी।  


चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने बताया कि खाद कारखाने के अनुपूरक उद्योगों के रूप में दर्जा देने का अधिकार केंद्र सरकार को है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से सरकार से मांग है कि गोरखपुर के उन उद्योगों को यह दर्जा दिया जाए।
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