एम्स हॉस्टल के पांच छात्रों समेत 106 कोरोना पॉजिटिव, तीन की मौत
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गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कुछ कमी आई है। करीब दो माह बाद पिछले 24 घंटे में केवल 106 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। साथ ही तीन मरीज की मौत भी हुई है। संक्रमितों में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर समेत, एम्स हॉस्टल में रहने वाले छात्र शामिल हैं। इसके बाद से जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 14121 पहुंच गया है। इनमें 12440 लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि मौत का आंकड़ा 209 पहुंच गया है। एक्टिव केस 1472 हैं।
जानकारी के मुताबिक बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चौथे दिन एक और डॉक्टर संक्रमित मिले हैं। पहली बार एम्स के हॉस्टल तक संक्रमण पहुंचा गया है। हॉस्टल में रहने पांच छात्र संक्रमित मिले हैं। इसके बाद से एम्स हॉस्टल में हड़कंप है। इनके अलावा बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तीन कर्मी, हुमांयुपुर में एक ही परिवार के आठ लोग भी संक्रमित पाए गए हैं।
संक्रमितों में एक आठ और एक पांच साल का मासूम भी शामिल है। इसके अलावा अंधियारी बाग, हाटा बाजार, पीएचसी ब्रह्मपुर, राजेंद्र नगर ईस्ट में एक ही परिवार के दो-दो लोग, चाणक्यपुरी खोराबार में एक ही परिवार के दो लोग संक्रमित मिले हैं। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि संक्रमितों के परिजनों की जांच कराई जाएगी। साथ ही उनके संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश की जाएगी।
गोरखनाथ थाना क्षेत्र में मिले सर्वाधिक 15 मरीज
24 घंटे में विभाग ने पोर्टल पर अपलोड कर दिए 43 मौतों के आंकड़े
इसे विभाग की लापरवाही कहें या फिर निजी अस्पतालों की मनमानी। विभाग के निर्देश को दरकिनार कर कोविड मरीजों का इलाज करने वाले निजी अस्पताल मौतों के आंकड़े देने में लगातार आनाकानी कर रहे थे। प्रशासन की सख्ती के बाद निजी अस्पतालों ने 24 घंटे के अंदर पोर्टल पर 43 मौत के आंकड़ों को अपलोड कर दिया है। इसके बाद से जिले में मौतों की संख्या 166 से 209 पहुंच गई है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि निजी अस्पताल मौत के आंकड़े पोर्टल पर अपलोड नहीं कर रहे थे। इसकी वजह से मौत की सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी। सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अगर अब कोई मौत की संख्या पोर्टल पर अपलोड नहीं करता है तो उस हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना संक्रमित महिला वार्ड से भागी, कर्मियों ने पकड़ा
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती 20 वर्षीय एक महिला सोमवार की अल सुबह भागने लगी। इस पर कर्मचारियों ने उसे दौड़ाकर पकड़ा। कर्मियों के मुताबिक महिला आत्मदाह की धमकी दे रही है। इसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन ने लिखित तौर पर परिजनों और मेडिकल कॉलेज चौकी को दे दी है। बताया जा रहा है कि महिला को रविवार की रात सांस लेने में तकलीफ हुई तो परिजन बीआरडी इलाज के लिए लेकर आए। जहां पर उसे कोरोना वार्ड में भर्ती कर दिया गया है।
तीन संक्रमितों की मौत
पिछले 24 घंटे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीन संक्रमितों की मौत हुई है। इनमें जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के 70 वर्षीय बुजुर्ग और कैंपियरगंज के चौमुखी गांव निवासी 72 वर्षीय बुजुग शामिल हैं। दोनों बुजुर्गों की मौत सोमवार को हुई है। इनके अलावा महरागंज जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के बागापार की रहने वाली 45 वर्षीय महिला की भी मौत इलाज के दौरान हुई है।
58 दिन बाद मिले इतने कम मरीज
कोरोना के बढ़ते मरीजों के बीच 58 दिन बाद जिले में 24 घंटे में इतने कम मरीज मिले हैं। 24 जुलाई को महज 81 मरीज मिले थे। इसके बाद से लगातार मरीजों की संख्या 150 के पार ही मिल रही थी। यहां तक की अगस्त माह में हर दिन 200 से लेकर 300 के बीच मरीज मिल रहे थे। सिंतबर में तो 300 का आंकड़ा पार कर मरीजों की संख्या 420 तक पहुंच गई थी। लेकिन इसी सितंबर माह में 106 मरीजों का मिलना विभाग के लिए राहत भरा है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी का मानना है कि इस बीच जांच का दायरा भी बढ़ा है। प्रतिदिन चार हजार से लेकर 4500 के बीच जांच कराई जा रही है। ऐसे में कम मरीज मिलना इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं संक्रमण की रफ्तार कम हो रही है।
एक प्रोफेसर मिलीं संक्रमित
धर्मगुरुओं से जागरूकता फैलाने की अपील
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सोमवार को एनेक्सी भवन सभागार में धर्मगुरुओं एवं अधिकारियों के साथ बैठक की। कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए धर्मगुरु भी आगे आएं और लोगों को जागरूक करें। जिले में सरकारी वाहनों एवं पुलिस थाना व चौकियों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता फैलायी जाए। उन्होंने कहा कि रोडवेज, निजी बसों एवं टेंपो के बाहर एवं वाहन के अंदर जागरूकता से जुड़े स्टीकर लगाए जाएं। पेट्रोल पंप, सभी दुकानों पर भी कोरोना से बचाव की जानकारी का प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रोबेशन अधिकारी एनजीओ के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराएं।