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यूपी: संतकबीरनगर में मिला ग्लैंडर्स पॉजिटिव घोड़ा, डॉक्टरों ने दर्द रहित मौत देकर किया दफन
Tue, 29 Dec 2020 08:32 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 29 Dec 2020 08:32 PM IST
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जांच में घोड़ा मिला ग्लैंडर्स पॉजिटिव।
- फोटो : अमर उजाला।
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संतकबीरनगर विकास खंड खलीलाबाद के भुजैनी निवासी एक शख्स के घोड़े की रिपोर्ट ग्लैंडर्स पॉजिटिव आया। डीएम की ओर से गठित पशु चिकित्सकों की टीम ने मंगलवार को घोड़े को दर्द रहित मौत देकर गहरे गड्ढे में शव को दफन कराया।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर ओपी मिश्र ने बताया कि संतराम दास पुत्र रामकेवल निवासी भुजैनी के एक घोड़े में ग्लैंडर्स रिपोर्ट पॉजिटव आई। मंगलवार को पशु चिकित्सकों की टीम के जरिए यूथेनाइज दर्द रहित मत्यु कर घोड़े के शव का निस्तारण कराया।
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उन्होंने बताया कि इस घोड़े का नमूना लेकर नवंबर में जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार हरियाणा भेजा गया था। नमूने की रिपोर्ट संदिग्ध आने पर दोबारा दिसंबर में भेजा गया। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर डीएम की अनुमति के बाद पशु चिकित्साधिकारियों की टीम गठित की गई।
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25 हजार रुपये दिया जाएगा मुआवजा
गठित टीम ने उक्त घोड़े को दर्द रहित मौत दिया। उसके बाद शव को निस्तारित कराया। टीम में डॉक्टर आशीष सिंह, डॉक्टर दिनेश वर्मा,डॉक्टर अखिलेश यादव और पशुधन प्रसार अधिकारी कृष्ण गोपाल शामिल थे। इस फिट गहरे गड्ढे में दो बोरा चूना और दो बोरा नमक डाल कर घोड़े के शव को दफन करा दिया गया।
घोड़े के मालिक को शासन की ओर से 25 हजार रुपये मुआवजा दिए जाएगा। बताया कि ग्लैंडर्स एक जुनूटिक बीमारी है। जो घोडों से मनुष्यों में फैलता है। यह लाइलाज बीमारी है। जिले से प्रतिमाह दस घोड़ों का नमूना लेकर जांच को हिसार प्रयोगशाला भेजा जाता है।
घोड़े के मालिक को शासन की ओर से 25 हजार रुपये मुआवजा दिए जाएगा। बताया कि ग्लैंडर्स एक जुनूटिक बीमारी है। जो घोडों से मनुष्यों में फैलता है। यह लाइलाज बीमारी है। जिले से प्रतिमाह दस घोड़ों का नमूना लेकर जांच को हिसार प्रयोगशाला भेजा जाता है।