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Gorakhpur News: कमरा खाली कराने पर छात्राओं का विरोध...मुंह बांधकर किया प्रदर्शन
Wed, 22 May 2024 03:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 22 May 2024 03:07 AM IST
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फोटो
डीडीयू : अलकनंदा व रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल की छात्राओं में नाराजगी
करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बाद भी कुलपति से नहीं हो सकी मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलकनंदा और रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल की छात्राओं ने मंगलवार को कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कमरा खाली करने को लेकर विरोध किया। छात्राओं की पहचान उजागर न हो इसके लिए उन्होंने मुंह बांधकर प्रदर्शन किया। छात्राओं को इस बात की चिंता थी कि अगले सत्र में नए सिरे से छात्रावासों का आवंटन होगा। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बाद भी कुलपति से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई।
कुलपति के आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय के अलकनंदा और रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास की छात्राओं को 31 मई तक कमरा खाली करने को कहा गया है। दोनों हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं दोपहर करीब एक बजे कुलपति कार्यालय पहुंचीं। उनका कहना था कि अभी उनकी परीक्षाएं चल रही हैं। इस दौरान उन्हें छात्रावास खाली करने के लिए कहा जा रहा है। कमरा मरम्मत कराने के नाम पर अपना सामान भी हटाने के लिए कहा जा रहा है।
छात्राओं का कहना है कि सामान लेकर कहां जाएंगे? अगले सत्र में नए सिरे से छात्रावास आवंटन के लिए कहा जा रहा है, पढ़ाई के बीच में ही कैसे छात्रावास खाली कराया जा सकता है। पीजी की छात्राओं ने कहा कि उनकी परीक्षाएं भले ही समाप्त हो गई हैं, लेकिन वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के मद्देनजर हॉस्टल में ठहरी हैं। छात्राओं का कहना था कि हर साल गर्मी की छुट्टियों में हमारा सामान हॉस्टल के रूम में रहता था। इस बार इसे घर ले जाने को कहा गया है। एक महीने के लिए सामान कहां लेकर जाएं।
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दूर है घर, कैसे व्यवस्था करें
महिला छात्रावास में रहने वाली ज्यादातर छात्राएं दूर-दराज की रहने वाली हैं। कुछ तो दूसरे प्रदेश और नेपाल की भी हैं। उनके पास गद्दा, रजाई, पंखा, कपड़े और कापी-किताबें हैं। छात्राओं का कहना था कि सामान को घर ले जाने के बाद फिर उसे जुलाई में लेकर आना होगा। एक छात्रा ने बताया कि गोरखपुर से उसका घर 300 किलोमीटर दूर है। सामान ले जाने और फिर सत्र शुरू होने पर लाने में काफी पैसे खर्च हो जाएंगे। किराये पर कमरा लेकर सामान रखने पर कमरे के किराया देना अनावश्यक खर्च बढ़ जाएगा।
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इस साल से नया नियम लागू
विश्वविद्यालय में इस साल से नया नियम लागू है। अब जिन विद्यार्थियों का 6 सीजीपीए या उससे अधिक होगा और रहन-सहन अच्छा होगा, उन्हें हॉस्टल आवंटन में वरीयता दी जाएगी। परीक्षा समाप्त होने के एक सप्ताह में छात्रावास खाली करने का नियम है। यह कार्य परिषद से भी पास है कि हर साल नए सिरे से आवंटन होगा। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि पीजी की परीक्षाएं अप्रैल में ही समाप्त हो गई थीं। परीक्षा के बाद कमरा खाली करने का नियम है। यूजी में जिन छात्राओं की परीक्षा अभी बाकी है उन्हें रहने का वक्त दे दिया जाएगा। गर्मी की छुट्टी में हॉस्टल की मरम्मत भी होनी है।
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डीडीयू : अलकनंदा व रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल की छात्राओं में नाराजगी
करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बाद भी कुलपति से नहीं हो सकी मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलकनंदा और रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल की छात्राओं ने मंगलवार को कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कमरा खाली करने को लेकर विरोध किया। छात्राओं की पहचान उजागर न हो इसके लिए उन्होंने मुंह बांधकर प्रदर्शन किया। छात्राओं को इस बात की चिंता थी कि अगले सत्र में नए सिरे से छात्रावासों का आवंटन होगा। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बाद भी कुलपति से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई।
कुलपति के आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय के अलकनंदा और रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास की छात्राओं को 31 मई तक कमरा खाली करने को कहा गया है। दोनों हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं दोपहर करीब एक बजे कुलपति कार्यालय पहुंचीं। उनका कहना था कि अभी उनकी परीक्षाएं चल रही हैं। इस दौरान उन्हें छात्रावास खाली करने के लिए कहा जा रहा है। कमरा मरम्मत कराने के नाम पर अपना सामान भी हटाने के लिए कहा जा रहा है।
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छात्राओं का कहना है कि सामान लेकर कहां जाएंगे? अगले सत्र में नए सिरे से छात्रावास आवंटन के लिए कहा जा रहा है, पढ़ाई के बीच में ही कैसे छात्रावास खाली कराया जा सकता है। पीजी की छात्राओं ने कहा कि उनकी परीक्षाएं भले ही समाप्त हो गई हैं, लेकिन वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के मद्देनजर हॉस्टल में ठहरी हैं। छात्राओं का कहना था कि हर साल गर्मी की छुट्टियों में हमारा सामान हॉस्टल के रूम में रहता था। इस बार इसे घर ले जाने को कहा गया है। एक महीने के लिए सामान कहां लेकर जाएं।
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दूर है घर, कैसे व्यवस्था करें
महिला छात्रावास में रहने वाली ज्यादातर छात्राएं दूर-दराज की रहने वाली हैं। कुछ तो दूसरे प्रदेश और नेपाल की भी हैं। उनके पास गद्दा, रजाई, पंखा, कपड़े और कापी-किताबें हैं। छात्राओं का कहना था कि सामान को घर ले जाने के बाद फिर उसे जुलाई में लेकर आना होगा। एक छात्रा ने बताया कि गोरखपुर से उसका घर 300 किलोमीटर दूर है। सामान ले जाने और फिर सत्र शुरू होने पर लाने में काफी पैसे खर्च हो जाएंगे। किराये पर कमरा लेकर सामान रखने पर कमरे के किराया देना अनावश्यक खर्च बढ़ जाएगा।
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इस साल से नया नियम लागू
विश्वविद्यालय में इस साल से नया नियम लागू है। अब जिन विद्यार्थियों का 6 सीजीपीए या उससे अधिक होगा और रहन-सहन अच्छा होगा, उन्हें हॉस्टल आवंटन में वरीयता दी जाएगी। परीक्षा समाप्त होने के एक सप्ताह में छात्रावास खाली करने का नियम है। यह कार्य परिषद से भी पास है कि हर साल नए सिरे से आवंटन होगा। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि पीजी की परीक्षाएं अप्रैल में ही समाप्त हो गई थीं। परीक्षा के बाद कमरा खाली करने का नियम है। यूजी में जिन छात्राओं की परीक्षा अभी बाकी है उन्हें रहने का वक्त दे दिया जाएगा। गर्मी की छुट्टी में हॉस्टल की मरम्मत भी होनी है।