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बदल रहा गोरखपुर: सर्किट हाउस के सामने शहर का सबसे बड़ा पार्क बनाएगा जीडीए, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
Sat, 18 Dec 2021 01:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 18 Dec 2021 01:12 PM IST
सार
रामगढ़ताल से सटे सात एकड़ में 6.50 करोड़ रुपये खर्च कर पार्क विकसित होगा। वहीं इस पार्क के बनने से सर्किट हाउस-एनेक्सी भवन की खूबसूरती बढ़ जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर सर्किट हाउस के सामने रामगढ़ताल से सटी खाली पड़ी, सात एकड़ भूमि को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) शहर के सबसे बड़े पार्क के तौर पर विकसित करेगा। पार्क के निर्माण पर 6.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे रामगढ़ताल क्षेत्र में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सर्किट हाउस और एनेक्सी भवन की खूबसूरती बढ़ जाएगी।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने अपनी निगरानी में इस पार्क को विकसित करने की योजना बनाई है। पार्क में लोगों के टहलने के लिए पाथ-वे, ओपेन जिम, खेल के उपकरण एवं प्रकाश के लिए ऑर्नामेंटल व फसाड लाइटें लगाई जाएंगी। पार्क के बीच में छोटा जलाशय बनाया जाएगा।
पार्क में लैंडस्केप (भू-परिदृश्य) का बेहतर काम किया जाएगा। जमीन ऊंची-नीची नजर आएगी और उस पर सुंदर घास रोपी जाएगी। लोगों के बैठने एवं एकत्र होने का स्थान बनाया जाएगा। बैठने के लिए गजीबो लगाया जाएगा। लैंडस्केपिंग पर करीब पौने तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। 80 लाख रुपये की लागत से बिजली से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। एक करोड़ की लागत से सिविल से जुड़े काम कराए जाएंगे। पार्क बनने के बाद संचालन एवं मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित फर्म को ही दी जाएगी। जल्द ही कार्ययोजना को अंतिम रूप देकर टेंडर जारी किया जाएगा।
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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि रामगढ़ताल क्षेत्र को ज्यादा सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्राधिकरण सर्किट हाउस के सामने से एनेक्सी भवन तक खाली पड़ी करीब सात एकड़ जमीन का सुंदरीकरण कर उसे भव्य पार्क के तौर पर विकसित करने जा रहा है। पार्क में लैंडस्केपिंग का अच्छा काम कराया जाएगा।
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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने अपनी निगरानी में इस पार्क को विकसित करने की योजना बनाई है। पार्क में लोगों के टहलने के लिए पाथ-वे, ओपेन जिम, खेल के उपकरण एवं प्रकाश के लिए ऑर्नामेंटल व फसाड लाइटें लगाई जाएंगी। पार्क के बीच में छोटा जलाशय बनाया जाएगा।
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पार्क में लैंडस्केप (भू-परिदृश्य) का बेहतर काम किया जाएगा। जमीन ऊंची-नीची नजर आएगी और उस पर सुंदर घास रोपी जाएगी। लोगों के बैठने एवं एकत्र होने का स्थान बनाया जाएगा। बैठने के लिए गजीबो लगाया जाएगा। लैंडस्केपिंग पर करीब पौने तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। 80 लाख रुपये की लागत से बिजली से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। एक करोड़ की लागत से सिविल से जुड़े काम कराए जाएंगे। पार्क बनने के बाद संचालन एवं मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित फर्म को ही दी जाएगी। जल्द ही कार्ययोजना को अंतिम रूप देकर टेंडर जारी किया जाएगा।
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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि रामगढ़ताल क्षेत्र को ज्यादा सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्राधिकरण सर्किट हाउस के सामने से एनेक्सी भवन तक खाली पड़ी करीब सात एकड़ जमीन का सुंदरीकरण कर उसे भव्य पार्क के तौर पर विकसित करने जा रहा है। पार्क में लैंडस्केपिंग का अच्छा काम कराया जाएगा।
पर्यटक स्थल के पूर्वाभ्यास प्रस्ताव को स्वीकृति का इंतजार
शासन से गोरखपुर-सोहगीबरवा पर्यटक स्थल के पूर्वाभ्यास के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है। वन निगम इन पर्यटक स्थलों को पूर्वांचल में अलग पहचान दिलाने की कोशिश कर रहा है। 15 सदस्यीय टीम ने अलग-अलग स्थलों के संबंध में सुझाव दिए थे। वन निगम ने सुझावों पर अमल करते हुए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।सोहगीबरवां-गोरखपुर के बीच नौ पर्यटन स्थल हैं, जो पूर्वांचल के बहुत से लोगों के संज्ञान में नहीं हैं। ये स्थल पर्यटकों को आकर्षित करें, इसके लिए वन निगम की टीम ने 27-28 अक्तूबर को पूर्वाभ्यास किया था। टीम ने अपने सुझाव वन निगम को दिए थे। इसके बाद निगम ने प्रस्ताव बनाकर लखनऊ भेजा था। पर्यावरण व वन्यजीव के साथ पर्यटन क्षेत्र में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को टीम में शामिल किया गया था। बुढ़िया माई मंदिर से लेकर परगापुर ताल, सोहगीबरवा वन क्षेत्र, लेहड़ा देवी मंदिर के संबंध में टीम ने सुझाव दिए थे। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही सुदंरीकरण के साथ अन्य काम शुरू हो जाएंगे।