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गोरखपुर: लाखों रुपये लेकर जीडीए का चक्कर लगा रहे हैं लोग, यहां फिर से कर सकते हैं आवेदन
Sun, 30 Aug 2020 09:35 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 30 Aug 2020 09:35 AM IST
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद फीस जमा करने के लिए 40 आवेदक लाखों रुपये लेकर प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं। जुलाई से ही इनका मामला फंसा है। मानचित्र से जुड़ी पुरानी वेबसाइट के नौ जुलाई से बंद होने की वजह से यह समस्या खड़ी हुई है। अब इन आवेदकों को फिर से नए सिरे से नई वेबसाइट पर मानचित्र के लिए आवेदन करना होगा।
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जीडीए में मानचित्र दाखिल करने के लिए पहले वेबसाइट upobps.in पर आवेदन करना होता था लेकिन छह जनवरी 2020 के बाद शासन ने इस वेबसाइट पर आवेदन की सुविधा बंद कर दी। इसकी जगह नई वेबसाइट upobpas.in शुरू की गई, जिसपर आवेदन की सुविधा दी गई। मगर पुरानी वेबसाइट पर आवेदन करने वाले 95 लोगों के मानचित्र स्वीकृत करने के लिए अनुमोदित कर दिए गए थे।
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इनमें से 55 लोगों ने जरूरी दस्तावेज, अनापत्ति प्रमाण पत्र के साथ मानचित्र की फीस भी जमा कर दी। इन लोगों की सूची मानचित्र स्वीकृति के लिए 27 अगस्त को शासन को भेज दी गई है लेकिन 40 ऐसे लोग हैं जिनका मामला फंस गया।
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इनमें से कई लोगों को एक से नौ जुलाई के बीच अनुमोदन देते हए फीस जमा करने के लिए जीडीए की तरफ से पत्र भेजा गया था। मगर इसी बीच नौ जुलाई को शासन की ओर से पुरानी वेबसाइट को बंद कर दिया गया। पत्र पाने के बाद ये लोग जीडीए कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। अब उन्हें नए सिरे से नई वेबसाइट पर आवेदन करना होगा।
जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह ने बताया कि पुरानी वेबसाइट को शासन ने नौ जुलाई से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ऑनलाइन भुगतान का लिंक भी हटा लिया गया है। अनुमोदन के बाद जो लोग फीस जमा नहीं कर पाए हैं, उन्हें नई वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। जिनके फीस के साथ सभी जरूरी दस्तावेज जमा थे, उनके मानचित्र स्वीकृत करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।