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Gorakhpur: गैंगस्टर अभिषेक की पत्नी और बहन की भी संपत्ति कुर्क, अब बैंक खाता, नर्सिंग कॉलेज पर हुई कार्रवाई

Thu, 10 Nov 2022 10:40 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 10 Nov 2022 10:40 AM IST
सार

डॉ. अभिषेक, पत्नी व बहन के अलावा शक्तिनगर निवासी डॉ. सी प्रसाद उर्फ चौथी, बस्ती जिले के लालगंज, खोरिया निवासी शोभितानंद यादव, गुलरिहा थानाक्षेत्र के करमहा निवासी श्याम नारायण मौर्य व मोगलहा निवासी विशाल त्रिपाठी भी गिरोह के गुर्गे बताए गए हैं। आरोप है कि सभी ने मिलकर 2015 से गिरोह चला रहे हैं।

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Gangster Dr Abhishek wife and sister property also attached in Gorakhpur
राज नर्सिंग होम एंड पैरामेडिकल कॉलेज को कुर्क किया गया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर कोतवाली थाने में दर्ज गैंगस्टर केस में दुर्गाबाड़ी निवासी डॉ. अभिषेक यादव के साथ उसकी पत्नी डॉ. मनीषा यादव, शाहपुर के बशारतपुर में रहने वाली बहन डॉ. पूनम यादव भी आरोपी हैं। इसी कारण इनकी संपत्तियों को भी कुर्क किया गया है। बहन व पत्नी की भी कॉलेज के दाखिला में भूमिका मिलने पर गैंगस्टर के तहत दर्ज केस में आरोपी बनाया गया है।

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डॉ. अभिषेक, पत्नी व बहन के अलावा शक्तिनगर निवासी डॉ. सी प्रसाद उर्फ चौथी, बस्ती जिले के लालगंज, खोरिया निवासी शोभितानंद यादव, गुलरिहा थानाक्षेत्र के करमहा निवासी श्याम नारायण मौर्य व मोगलहा निवासी विशाल त्रिपाठी भी गिरोह के गुर्गे बताए गए हैं। आरोप है कि सभी ने मिलकर 2015 से गिरोह चला रहे हैं।
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एसएसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने 16 सितंबर को आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी विवेचना तिवारीपुर थाने की पुलिस कर रही है।
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छात्रों ने भी दर्ज कराया था जालसाजी का केस
मामले में पैरामेडिकल कॉलेज के छात्रों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया है कि वर्ष 2018-19 एएनएम, जीएनएम वर्ष 2019-20 में एएनएम, जीएनएम और सत्र 2020-21 व 2021-22 में प्रवेश के लिए डोनेशन एवं निर्धारित से अधिक फीस ली गई है। इसके बाद न परीक्षा कराई गई और न डिग्री दी गई।

 

अभिषेक पर दर्ज हैं 20 मुकदमे

प्रथम सत्र के छात्रों को यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी बताकर पंजीकरण कराया गया। बाद में स्टेट मेडिकल फैकल्टी बताया जा रहा है। पता चला कि संस्था की मान्यता नहीं है। कूटरचित दस्तावेज पर मान्यता ली गई है। सीएमओ की जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। पुलिस ने मामले में पिपराइच थाने में केस दर्ज किया था।

डॉ. अभिषेक पर 20 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें लखनऊ के हुसैनगंज में भी दर्ज मुकदमा शामिल है। गोरखपुर में वर्ष 2016 में दर्ज 14 मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी, जिसे फिर से खोला गया था। मई 2022 में तत्कालीन एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने सभी मुकदमों की जांच कराकर एक ही दिन चार्जशीट दाखिल कराई थी। इसके बाद गैंगस्टर का ग्राउंड तैयार हो गया था। बाद में गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई।

इन संपत्तियों को किया गया कुर्क

  • जटेपुर उत्तरी स्थित आवास
  • जंगल नकहा नंबर दो स्थित राज गोशाला
  • हुमायूंपुर स्थित राज नर्सिंग होम, हॉस्टल
  • जंगल अहमद शाह अली उर्फ तुर्रा स्थित राज नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज
  • दो कार, चार स्कूल बस, एक माल वाहन, दो बाइक
  • डॉ. मनीषा यादव के तीन खाते, डॉ. अभिषेक के दो, राज शिक्षण प्रशिक्षण सेवा समिति के सात खाते, स्व. डॉ. राजाराम जिसके नामिनी डॉ. अभिषेक के तीन, राज कुमारी के चार खाते जिसके नामिनी डॉ. अभिषेक यादव हैं।
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