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गोरखपुर: खाते से रकम उड़ाने वाले गिरोह का गुर्रा गिरफ्तार, फर्जी कागजात व निशान तैयार कर खोलते थे खाते
Sun, 01 Aug 2021 03:01 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 01 Aug 2021 03:01 PM IST
सार
23 जुलाई को एसएसपी ने किया था गिरोह का पर्दाफाश। फिंगर प्रिंट का क्लोन बनाकर खाते से रुपये निकाल लेता था आरोपी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर में फिंगर प्रिंट का क्लोन बनाकर खाते से रकम निकालने वाले गिरोह के एक और शातिर सदस्य को कैंट पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार सुबह गिरफ्तार किया। इटावा जिले के रहने वाले इस आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटाप व फिंगर प्रिंट स्कैनर बरामद हुआ है। दोपहर बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, इटावा के फ्रेंडस कालोनी, रामनगर निवासी राकी कुशवाहा भी इसी गिरोह से जुड़ा है, जिसकी तलाश चल रही थी। शनिवार की सुबह पैडलेगंज के पास राकी की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
बीती 23 जुलाई को साइबर सेल व क्राइम ब्रांच की टीम ने फिंगर प्रिंट का क्लोन बनाकर खाते से रकम उड़ाने वाले गिरोह के दाउदपुर निवासी राघवेंद्र मिश्रा, चिलुआताल निवासी सोनू कुमार पासवान, सहजनवा निवासी मुकेश कुमार एवं विकास उर्फ विक्की के अलावा सैयद जावेद अली, शशांक पांडेय, नेपाल के पोखरा निवासी दीपेंद्र थापा, सागर जायसवाल, राहुल राणा, अमित कनौजिया और आशीष पाठक को गिरफ्तार किया गया था।
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जिनके कब्जे से नौ लाख रुपये नकदी, एक कार, एक बाइक, 253 फिंगर प्रिंट क्लोन, 53 सिम कार्ड, चेक बुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे।के रूप में हुई थी। पूछताछ में पता चला कि गिरोह का नेटवर्क पूरे देश में फैला है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश चल रही है।
फर्जी कागजात व निशान तैयार कर खोलते थे खाते
इस गैंग में शामिल सदस्य लोगों के आधारकार्ड व पैनकार्ड की फर्जी कॉपी बनाने के साथ ही फिंगर प्रिंट का भी क्लोन बनाकर बैंक में खाता खोल देते थे। साथ ही उस व्यक्ति के नाम से सिमकार्ड भी जारी करा लेते थे। बाद में इस मोबाइल नंबर के जरिए दूसरे के बैंक खातों से पैसा इन फर्जी खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। देश भर में फैले इस गिरोह का पिछले दिनों गोरखपुर पुलिस ने खुलासा किया था।
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जानकारी के मुताबिक, इटावा के फ्रेंडस कालोनी, रामनगर निवासी राकी कुशवाहा भी इसी गिरोह से जुड़ा है, जिसकी तलाश चल रही थी। शनिवार की सुबह पैडलेगंज के पास राकी की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
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बीती 23 जुलाई को साइबर सेल व क्राइम ब्रांच की टीम ने फिंगर प्रिंट का क्लोन बनाकर खाते से रकम उड़ाने वाले गिरोह के दाउदपुर निवासी राघवेंद्र मिश्रा, चिलुआताल निवासी सोनू कुमार पासवान, सहजनवा निवासी मुकेश कुमार एवं विकास उर्फ विक्की के अलावा सैयद जावेद अली, शशांक पांडेय, नेपाल के पोखरा निवासी दीपेंद्र थापा, सागर जायसवाल, राहुल राणा, अमित कनौजिया और आशीष पाठक को गिरफ्तार किया गया था।
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जिनके कब्जे से नौ लाख रुपये नकदी, एक कार, एक बाइक, 253 फिंगर प्रिंट क्लोन, 53 सिम कार्ड, चेक बुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे।के रूप में हुई थी। पूछताछ में पता चला कि गिरोह का नेटवर्क पूरे देश में फैला है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश चल रही है।
फर्जी कागजात व निशान तैयार कर खोलते थे खाते
इस गैंग में शामिल सदस्य लोगों के आधारकार्ड व पैनकार्ड की फर्जी कॉपी बनाने के साथ ही फिंगर प्रिंट का भी क्लोन बनाकर बैंक में खाता खोल देते थे। साथ ही उस व्यक्ति के नाम से सिमकार्ड भी जारी करा लेते थे। बाद में इस मोबाइल नंबर के जरिए दूसरे के बैंक खातों से पैसा इन फर्जी खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। देश भर में फैले इस गिरोह का पिछले दिनों गोरखपुर पुलिस ने खुलासा किया था।