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Exclusive: गीता प्रेस से पहली बार इस खास पुराण का होगा प्रकाशन, देश-विदेश में होगी इसकी डिलीवरी

Sat, 07 Nov 2020 04:35 PM IST
vivek shukla अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 07 Nov 2020 04:35 PM IST
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Ganesh Purana will be published for first time from Geeta Press Gorakhpur
कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित गीता प्रेस से पहली बार गणेश पुराण का प्रकाशन होने जा रहा है। इस उप पुराण में वर्णित गणेश महिमा के वर्णन को पाठक जनवरी 2021 कल्याण के विशेषांक में पढ़ सकेंगे। इस पुराण की देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सप्लाई की जाएगी।
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गीता प्रेस की धार्मिक पुस्तकों की पहचान देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है। लोगों को नित नए धार्मिक पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए गीता प्रेस की ओर से निरंतर प्रयास किए जाते हैं। इन्हीं प्रयासों के क्रम में गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली ख्याति प्राप्त पत्रिका कल्याण के जनवरी 2021 के विशेषांक के रुप में इस बार गणेश पुराण का प्रकाशन किया जा रहा है। इस पुराण के माध्यम से पाठकों को भगवान गणेश से संबंधित अनेकों कहानियों के साथ ही तमाम तमाम नई चीजें पढ़ने को मिलेंगी।
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गणेश पुराण गणपति उपासना का प्रतिनिधि ग्रंथ है। यह पुराण उपासना खंड और क्रीडा खंड नामक दो खंडों से मिला हुआ है। गणेश पुराण की गणना उप पुराणों में प्रथम रुप में होती है। गणपति भक्त इसे ‘गणेश भागवत’ कहकर ‘भागवत महापुराण’ कहकर आदर देते हैं।
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इसके उपासना खंड में गणपति सहस्त्रनाम स्त्तोत्र, गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी आदि व्रतों की कथाओं के साथ ब्रह्मा, विष्णु, शिव आदि देवताओं ऋषि-मुनियों, राजाओं और गणेश भक्तों द्वारा की गई उनकी उपासना कथाएं भी सम्मिलित हैं। क्रीडा खंड में ‘गणेश गीता’ भगवान गणेश की बाल लीलाओं एवं उनके महोत्कट, विनायक आदि अवतारों का वर्णन है। इस प्रकार यह संपूर्ण पुराण रोचक एवं भक्ति लीला कथाओं से परिपूर्ण है। जिसे 2021 में पाठक गणेश विशेषांक के रूप में पढ़ सकेंगे।

कल्याण की शुरुआत

कल्याण की शुरुआत दिल्ली में अप्रैल 1926 में आयोजित मारवाड़ी अग्रवाल सभा के आठवें अधिवेशन में घनश्यामदास बिड़ला ने भाईजी को अपने विचारों व सिद्धांतों पर आधारित एक पत्रिका निकालने की सलाह दी। गीताप्रेस के संस्थापक सेठजी जयदयाल गोयंदका की सहमति से 22 अप्रैल 1926 को पत्रिका का नाम कल्याण निश्चित हुआ। इसी वर्ष भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार के संपादकत्व में कल्याण का प्रथम साधारण अंक मुंबई से प्रकाशित हुआ। 1982 से निरंतर राधेश्याम खेमका के देखरेख में कल्याण का प्रकाशन हो रहा है। अबतक कल्याण की 16 करोड़ से अधिक प्रतियां प्रकाशित हो चुकी है।

गीताप्रेस उत्पाद प्रबंधक लालमणि तिवारी ने बताया कि वर्ष 2021 के कल्याण विशेषांक के रुप में पहली बार गणेश पुराण का प्रकाशन किया जा रहा है। इससे संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पाठकों को जनवरी में गणेश पुराण के माध्यम से भगवान गणेश के जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सकेगी।
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