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बैंककर्मी बन कर रहे फोन: रहें होशियार, क्रेडिट कार्ड से रुपये उड़ा रहे जालसाज, आप बन रहे कर्जदार
Mon, 31 Jul 2023 02:51 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 31 Jul 2023 02:51 PM IST
सार
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि साइबर क्राइम की दुनिया का कोई दायरा नहीं है। कुछ भी मुफ्त नहीं है, हर चीज की कीमत चुकानी होती है, बस यही है कि इसका अंदाजा अपना रकम गंवाने के बाद हो पा रहा है। क्रेडिट कार्ड का मुफ्त में लिमिट बढ़ाने के झांसे में आकर कुछ लोगों ने रुपये गंवा दिए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
साइबर जालसाज हर रोज धोखाधड़ी के नए तरीके अख्तियार कर रहे हैं। वे ऐसे तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जिनसे अधिकतर लोग अनजान हैं। हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें साइबर अपराधी क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर व्यक्ति को कर्जदार बना दे रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक, ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति को न देने के प्रति लोग जागरूक हुए तो अब जालसाज बैंक कर्मी बनकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देने लगे हैं।
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जाल में फंसाने के बाद जालसाज क्रेडिट कार्ड से रुपये निकालकर कर्जदार बना दे रहे हैं और लोग इधर-उधर भटक कर अपने रुपये को वापस पाने की गुहार लगाने के लिए मजबूर हो जा रहे हैं। हालांकि, समय से सूचना देने वालों के रुपये वापस भी आ जाते हैं, लेकिन जिसके क्रेडिट कार्ड के रुपये का इस्तेमाल कर खरीदारी हो जाती है, फिर उसे लंबा इंतजार करना पड़ता है। बहुत कम मामलों में ही रुपये वापस आ पाते हैं। इन दिनों इस तरह के मामले बढ़े हैं।
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एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि साइबर क्राइम की दुनिया का कोई दायरा नहीं है। कुछ भी मुफ्त नहीं है, हर चीज की कीमत चुकानी होती है, बस यही है कि इसका अंदाजा अपना रकम गंवाने के बाद हो पा रहा है। क्रेडिट कार्ड का मुफ्त में लिमिट बढ़ाने के झांसे में आकर कुछ लोगों ने रुपये गंवा दिए हैं। बैंक कभी भी किसी से ओटीपी नहीं मांगता है। इससे बचने के लिए गोरखपुर पुलिस ने सेफ्टी डाटा प्लान तैयार किया है, कोशिश की जा रही है इन जानकारियों को सभी तक पहुंचाया जाए।
ऐसे बचें जालसाजी से
- किसी को भी ओटीपी न बताएं, बैंक कभी भी ओटीपी नहीं पूछता है।
- सबसे पहले आप किसी भी वेबसाइट के यूआरएल को चेक करें, कि वो https से शुरू हो रहा या नहीं, जिसमें S यह दर्शाता है कि ये वेबसाइट एक सिक्योर कनेक्शन से कनेक्टेड है।
- पासवर्ड यूनिक और कठिन हो। हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें।
- पासवर्ड में अपर केस, लोअर केस, नंबर और स्पेश कैरेक्टर का कंबीनेशन रखें।
- 45 दिन में अपना पासवर्ड जरूर बदल दें।
- अपने प्राइमरी ई-मेल अड्रेस को कभी सोशल मीडिया साइट के लिए इस्तेमाल ना करें।
- सोशल मीडिया साइट के लिए सेकेंडरी ई-मेल अड्रेस बनाकर रखें।
- अगर, कोई एकाउंट आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।
- किसी भी फ्री सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने से पहले सॉफ्टवेयर वेबसाइट का जरिया देख लें। संबंधित एप से ही खरीदें।
- ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें जक URL को मैनुअली टाइप किया हो।
- अज्ञात ई-मेल को डाउनलोड ना करें।
- अपने जरूरी फाइल का नियमित बैकअप लेते रहें। ऐसा करने से किसी भी रेनसमवेयर के अटैच से बचा जा सकता है।
- आप अपने जरूरी दस्तावेल का हमेशा एक्सर्टनल ड्राइव में बैकअप लें।
- जब आफिस छोड़ें तो सुनिश्चित करें कि कंप्यूटर बंद हो गया है।
- पासवर्ड किसी के साथ साझा ना करें। पासवर्ड की परिधि आठ से 12 अंकों की होनी चाहिए।
- फेसबुक, इंस्ट्राग्राम जैसे सोशल मीडिया एकाउंट के सुरक्षा फीचर ऑन रखें।
- कस्टमर केयर का नंबर कभी भी 10 अंकों का नहीं होता है।
- अपने फोन पर अश्लील फोटो, वीडियो लिंक को ना खोलें।
- मुफ्त उपहार के चक्कर में कभी भी ना पड़ें।
- संभव हो तो बैंक या दूसरे व्यक्ति को जानकारी के लिए, देने के लिए अलग नंबर रखें, इसे सार्वजनिक ना करें।