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Cyber Crime: फल व्यवसायी से 5.80 लाख की ठगी, रिपोर्ट नहीं लिख रही पुलिस
Fri, 25 Aug 2023 02:22 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 25 Aug 2023 02:22 PM IST
सार
साइबर फ्राड होने की जानकारी पर प्रदीप ने बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर खाता फ्रीज करा दिया। दूसरे दिन सुबह बैंक शाखा पर जाकर जानकारी दी। 18 अगस्त को उन्होंने इस संबंध में थाना राजघाट, साइबर थाना एवं नेशनल साइबर क्राइम इंसीडेंट को लिखित सूचना दी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
गोरखपुर जिले में महेवा फल मंडी के एक फल व्यवसायी से 5.80 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। जालसाजों ने बगैर ओटीपी का प्रयोग किए व्यापारी के खाते से तीन बार में रुपये उड़ा लिए। जानकारी होने पर पीड़ित ने बैंक और साइबर थाने को सूचित करने के साथ ही नेशनल साइबर क्राइम इंसीडेंट पर ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई है।
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घटना के करीब एक सप्ताह बाद भी राजघाट थाना पुलिस व्यापारी की तहरीर पर केस दर्ज नहीं कर रही है। जवाब मिलता है कि एडीजी जोन या आईजी रेंज से आदेश कराओ तभी केस दर्ज होगा। रकम तुम्हारी गलती से गई है तो आरोपियों को भी तलाशो। कोई सुराग मिले तो बताना।
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राजघाट थाना क्षेत्र के अलहदादपुर छोटी मस्जिद निवासी प्रदीप कुमार गुप्ता महेवा फल मंडी में आढ़ती हैं। उनके मुताबिक 17 अगस्त की रात 11 बजे के बाद उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया नौसड़ शाखा के खाते से बगैर किसी ओटीपी के पहली दफा पांच लाख रुपये और क्रेडिट कार्ड से दो बार में क्रमश: 60 हजार और 19,500 रुपये जालसाजों ने ऑनलाइन निकाल लिया। रात 12:53 और 1:16 बजे मोबाइल फोन पर बैंक की ओर से एसएमएस अलर्ट आने पर उन्हें रुपये निकाले जाने की जानकारी हुई।
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साइबर फ्राड होने की जानकारी पर प्रदीप ने बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर खाता फ्रीज करा दिया। दूसरे दिन सुबह बैंक शाखा पर जाकर जानकारी दी। 18 अगस्त को उन्होंने इस संबंध में थाना राजघाट, साइबर थाना एवं नेशनल साइबर क्राइम इंसीडेंट को लिखित सूचना दी। नेशनल साइबर पर ऑनलाइन एफआईआर (नं. 202300315454) भी दर्ज कराया, लेकिन राजघाट थाने में कोई सुनवाई नहीं हुई।