UP: तीन बैंकों के शाखा प्रबंधक के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज, बिना OTP-UPI के निकल गए 1.99 लाख से अधिक रुपये
महिला का आरोप है कि फरवरी में साइबर अपराधियों ने बिना यूपीआई, बिना किसी ओटीपी के ही खाते से रकम उड़ा दी। बैंक से संपर्क करने पर कोई सही जवाब नहीं मिल सका। रुपयों की जालसाजी की वजह से आर्थिक संकट में आ गई है और अब कोई रास्ता नहीं नजर आ रहा है।
विस्तार
जानकारी के मुताबिक, शाहपुर के हरिद्वार पुरम कॉलोनी निवासी रंजू सोनी के तीन अलग-अलग बैंकों में खाता है। उनके खातों में रकम थी। महिला का आरोप है कि फरवरी में साइबर अपराधियों ने बिना यूपीआई, बिना किसी ओटीपी के ही खाते से रकम उड़ा दी। बैंक से संपर्क करने पर कोई सही जवाब नहीं मिल सका। रुपयों की जालसाजी की वजह से आर्थिक संकट में आ गई है और अब कोई रास्ता नहीं नजर आ रहा है।
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मोबाइल फोन पर रुपये कटने के संदेश आने के बाद जालसाजी की जानकारी हुई। जिसके बाद बैंक साइबर सेल और शाहपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस दो महीने बाद भी केस दर्ज नहीं होने पर पीड़िता ने एसएसपी से मुलाकात की थी। एसएसपी के आदेश के बाद सोमवार को पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही। साक्ष्यों और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल में चार्जिंग का प्रलोभन या फिर फ्रंट कैमरे के मदद से हो रही जालसाजी
ओटीपी, यूआईडीएआई बिना बताए भी आप के साथ जालसाजी हो सकती है। अगर आप सार्वजनिक जगह पर मोबाइल फोन को चार्जिंग में लगाते हैं तो डाटा चोरी हो सकता है और उसकी मदद से आपका खाता खाली हो सकता है। इतना ही नहीं आप फ्रंट कैमरा को ऑन रखते हैं, उससे भी आपकी व्यक्तिगत चीजें सार्वजनिक हो सकती हैं। आप के आधार कार्ड का नंबर जानकर या फिर सिम स्कैप कर भी जालसाज खाता को खाली कर सकते है।
ऐसे में आप को जागरूक होने की जरुरत है। क्योंकि, साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब जालसाज नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे है, जिसमें न तो ओटीपी आता है ओर न ही आप को कोई जानकारी देनी होती है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि साइबर अपराध से बेपरवाह लोग अनजाने में ही बहुत ही व्यक्तिगत जानकारियों को साझा कर देते हैं। सार्वजनिक स्थान पर मोबाइल चार्ज करने से आपका पूरा डाटा हैक हो सकता है। इसी तरह फ्रंट कैमरे के इस्तेमाल के प्रति सतर्कता बरतनी चाहिए।
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ऐसे होता है सिम स्वैप
स्वैप मतलब अदला बदली। जब ठग आपके ही नंबर का सिम कार्ड खरीद ले, तो ये सिम स्वैप कहलाता है। ठग कई बार आपकी आईडी कार्ड, मोबाइल नंबर समेत कई निजी जानकारी टेलिकॉम ऑपरेटर को देकर धोखे से आप के ही के नंबर पर नया सिम कार्ड लेता है। फिर इसकी मदद से नया यूपीआईडी बनाकर जालसाजी कर लेते हैं।
आधार को रखें लॉक
यूआईडीएआई आपको अपना आधार कार्ड लॉक और अनलॉक करने का भी विकल्प मुहैया कराता है। आधार की जरूरत न होने पर आप आधार नंबर लॉक कर लें। इससे फ्रॉड की संभावना कम हो जाती है। अपने मोबाइल नंबर को आधार कार्ड के साथ अपडेट रखें।
धोखाधड़ी से बचने के लिए करें ये चीजें
- अपने सिम को हमेशा अपडेट करते रहें, इसकी केवाईसी समय-समय पर कराते रहें।
- किसी भी अनजान कॉल या मैसेज का जवाब न दें।
- किसी अनजान लिंक को खोलने से बचें।
- अगर पैसे निकल चुके हैं तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और अकाउंट को लॉक करवाएं।
फेसबुक को ऐसे करें सुरक्षित
- सिर्फ जान पहचान के लोगों को जोड़े।
- मजबूत पासवर्ड बनाएं और इसे सिर्फ फेसबुक के लिए ही इस्तेमाल करें।
- अपना पासवर्ड किसी और न बताएं।
- नियमित रूप से पासवर्ड बदलते रहना चाहिए।
- अपने व्यक्तिगत जानकारियां सिर्फ अपने जानने वालों तक ही सीमित रखे।
- फेसबुक लॉगिंग करने पर यदि लिंक, स्कैप आए तो उसे हटाकर ब्राउंजर बार पर सीधे फेसबुक लिख दें।
- यदि किसी और के कंप्यूटर में फेसबुक ओपेन पर उसे लॉग आउट कर दें।
- कोई भी एप विश्वसनीय वेबसाइड से ही डाउनलोड करें।
- कभी भी पासवर्ड को ब्राउंजर बार पर न लिखें।
- अपने दोस्त की लिस्ट और फोटो को छिपाकर रखें।
व्हाटसएप को ऐसे करें सुरक्षित
- व्हाटसएप पर व्यक्तिगत जानकारी, एकाउंट डिटेल, पासवर्ड न भेजें।
- बिना जान पहचान के नंबर पर जवाब न दें।
- व्हाटसएप कंपनी कहकर कभी भी रुपये या फिर कोई संदेश आए तो ध्यान न दें।
- यदि कोई व्हाटसएप को कंप्यूटर से जोड़ने की बात करें तो इंकार कर दें।
- व्हाटसएप पर स्वत: डाउनलोड सिस्टम को ऑफ कर दें।
- सिस्टम को हमेशा अपडेट करते रहें।
- व्हाटसएप के व्यक्तिगत सेटिंग में जाकर प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, स्टेटस को सिर्फ दोस्तों के लिए विकल्प पर रखें।
फोन पर ऐसे रहे सुरक्षित
- सिर्फ परिचित और दोस्तों को ही नंबर दें।
- मोबाइल को लॉक कर रखें, पिन कोड ज्यादा बेहतर होता है।
- यदि किसी अंजान नंबर से फोन आए तो अभिभावक को जानकारी दें।
- ब्लूट्रूथ, वाईफाई, हॉटस्पॉट को बंद रखें।
- स्मार्टफोन में सीपीएस ऑफ रखना चाहिए।
- 4, 7, 11 या 13 अंक के नंबरों से फोन आने पर अटेंड न करें।
- एवार्ड या ऑफर का संदेश आने पर जवाब न दें।
- मोबाइल मरम्मत देने के दौरान मेमोरी कार्ड, सिम, बैट्री को निकाल लें, व्यक्तिगत जानकारी भी हटा दें।
- व्यक्तिगत फोटो और जानकारियां कोशिश करें मोबाइल में न हो।
ऑनलाइन शापिंग व एटीएम के इस्तेमाल में बरतें ये सावधानियां
- अधिकृत वेबसाइट से ही खरीदारी करें।
- अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड से संबंधित कोई भी जानकारी किसी से साझा ना करें।
- किसी भी लॉटरी/अवांछनीय लिंक पर क्लिक न करें।
- कस्टमर केयर से संपर्क करने के लिए सही वेबसाइट पर जाकर ही संपर्क करें।
- ओएलएक्स आदि पर विज्ञापन की सही जानकारी प्राप्त करें व बेचने वाले व्यक्ति की सही पहचान करते हुए ही खरीदारी करें।
- मोबाइल फोन पर बैंक अधिकारी/किसी कंपनी के कस्टमर केयर का अधिकारी बनकर आप से बैंक से संबंधित कोई जानकारी (जैसे ओटीपी, कार्ड नंबर आदि) मांगने पर न दें।
- यूपीआई के माध्यम से रुपये भेजते व मंगाते समय सावधानी बरतें।
- सोशल नेटवर्किंग साइट्स के इस्तेमाल पर बरतें ये सावधानियां
- अपना यूजर आईडी एवं पासवर्ड किसी से शेयर न करें।
- अपनी निजी जानकारियां व फोटो पोस्ट करने में सावधानी बरतें।
- किसी भी अवांछनीय लिंक/मैसेज पर क्लिक करने से बचें।
- अनजान व्यक्ति से दोस्ती न करें।
- व्हाट्सएप पर केवाईसी सत्यापन, लॉटरी आदि के नाम पर ओटीपी कभी न बताएं
- व्हाट्सएप/फोन पर आए यूआर कोड को स्कैन न करें।
- इंटरनेट/स्मार्ट फोन प्रयोग करते समय बरतें ये सावधानियां
- स्मार्ट फोन में हमेशा स्क्रीन लॉक/पासवर्ड लगाकर रखे।
- मोबाइल फोन नंबर साझा करते समय सावधानी बरतें।
- किसी भी अवांछनीय लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें।
- अपना बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड नंबर, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड मोबाइल फोन में सुरक्षित न रखें।